जेलेंस्की ने ठुकराया पुतिन का प्रस्ताव, कहा-मॉस्को नहीं, कीव में मिलो
कीव। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के मॉस्को में मिलने से इनकार कर दिया है। जेलेंस्की ने एक इंटरव्यू में कहा, मैं आतंकवादियों की राजधानी नहीं जा सकता, क्योंकि यूक्रेन हर दिन मिसाइल हमलों का सामना कर रहा है। पुतिन मुलाकात के लिए कीव आ सकते हैं।
जेलेंस्की ने कहा कि मॉस्को में बातचीत का प्रस्ताव रखना, इस बात का संकेत है कि रूस शांति वार्ता में रुचि नहीं रखता। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जेलेंस्की और पुतिन के बीच आमने-सामने की बातचीत के लिए दबाव बना रहे हैं। इसके लिए पुतिन और ट्रंप पिछले महीने अलास्का में मिले थे।
रूस अतिरिक्त शर्तें रख रहा
अलास्का समिट इसलिए रखी गई थी कि आगे जेलेंस्की और पुतिन के बीच द्विपक्षीय या त्रिपक्षीय बैठक हो। ट्रम्प ने समिट के बाद कहा कि जेलेंस्की और यूरोपीय देशों के नेता वॉशिंगटन आएंगे। इसके बाद पुतिन और जेलेंस्की की मुलाकात हो सकती है। ट्रंप ने कहा कि रूस अतिरिक्त शर्तें रख रहा है, जिससे देरी हो रही है और यूक्रेनी शहरों पर हमले बढ़ रहे हैं। इस हफ्ते पुतिन ने कहा कि वह जेलेंस्की से मिलने के लिए तैयार हैं, लेकिन मुलाकात मॉस्को में होगी। शुक्रवार को क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बताया कि जेलेंस्की को बातचीत करने के लिए मॉस्को बुलाया जा रहा है, न कि सरेंडर करने के लिए।
जेलेंस्की बोले- मॉस्को में बैठक असंभव
एक दिन पहले ही पेरिस में एक समिट के दौरान जेलेंस्की ने पुतिन के निमंत्रण पर टिप्पणी की थी। जेलेंस्की ने कहा, अगर आप चाहते हैं कि बैठक न हो, तो आपको मुझे मॉस्को आमंत्रित करना चाहिए। जेलेंस्की ने आगे कहा कि रूसी नेतृत्व की ओर से बैठक के लिए किसी भी विकल्प की बात करना उनके लिए उपलब्धि होगी। जेलेंस्की ने शनिवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि रूस ने सितंबर के पहले 5 दिन में यूक्रेन पर 1,300 से अधिक ड्रोन, 900 बम और अलग-अलग तरीकेकी 50 मिसाइलें दागी हैं। ये हमले यूक्रेन के 14 इलाकों में हुए।

सोनम रघुवंशी केस में सुप्रीम कोर्ट सख्त, जमानत पर लगाई रोक
नतीजों से पहले Infosys के शेयर फिसले, IT कंपनी के तिमाही प्रदर्शन पर बाजार की नजर
सिर्फ 16 रन और... अभिषेक शर्मा रच देंगे इतिहास, कोहली-केएल राहुल की करेंगे बराबरी
बलराम कृषि महोत्सव में पहुंचेंगे मुख्यमंत्री, किसानों को देंगे विकास की सौगात
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर संसद में घमासान, दोनों पक्ष आमने-सामने
सचिन, कोहली, धोनी के बीच शास्त्री की पसंद बनी चर्चा, ऑलटाइम XI में कई बड़े नाम गायब
अमेरिका के खिलाफ ईरान का आक्रामक रुख, 9/11 जैसे हमले की चेतावनी
छात्र आंदोलन को मिला फिल्मी दुनिया का साथ, हुमा कुरैशी और इमरान हाशमी ने जताया समर्थन