सिर्फ दिखावा या सही में राहत? टोल पॉलिसी की जमीनी हकीकत क्या है?
देश में नई टोल पॉलिसी को लागू किया जा सकता है, जिसमें आम जनता को बड़ी राहत देने पर विचार किया जा रहा है. हाल ही में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक कार्यक्रम में कहा कि अगले 15 दिनों में नई टोल पॉलिसी लागू कर दी जाएगी, जिससे लोगों को टोल नाकों पर टोल कर्मी से बहस करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और लोग फर्राटा भरते हुए टोल नाकों से फास्टैग लेन से बिना किसी व्यवधान के गुजर जाएंगे.
सूत्रों की मानें तो नई टोल पॉलिसी में सालाना फीस चुकाकर एक शहर से दूसरे शहर तमाम टोल नाकों को आसानी से पार किया जा सकेगा. 3000 रुपए की फीस प्राइवेट कार चालकों के लिए होगी. वहीं बड़े कमर्शियल वाहन और मोटर साइकिल चालकों के लिए फीस अभी तय नहीं की गई है. हालांकि दोपहिया वाहन को पहले की तरह फ्री केटेगरी में रखा जाएगा.
पॉलिसी लागू हुई तो कितना होगा फायदा
ये पॉलिसी उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो लगातार लंबी दूरी की यात्रा करते हैं. ऐसे में अगर आप साल भर में सिर्फ 500 किलोमीटर की यात्रा अपने चार पहिया वाहन यानी कार से करते हैं तो एक बार आने-जाने पर एक्सप्रेस-वे पर टोल 2100 रुपए से लेकर 2400 रुपए तक खर्च होता है. ऐसे में सालभर में अगर 500 किलोमीटर की यात्रा चार बार होती है तो एक साल में 6000 रुपए से 6500 तक फायदा होगा.
आजीवन प्रस्ताव पर मुहर नहीं
नई टोल पॉलिसी के तहत लाइफ टाइम यानी पेट्रोल जिसकी उम्र 15 साल और डीजल कार जिसकी उम्र 10 साल है, उस पर निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन एक साल के हिसाब से अगर कोई फीस चुकाना चाहे तो ये ऑप्शन भी रखा जाएगा. हालांकि इस फैसले पर अभी तक अंतिम मुहर नहीं लगी है.
NHAI का क्या कहना है नई टोल पॉलिसी पर?
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सूत्रों के मुताबिक, अभी तक इस पॉलिसी को किसी भी तरह लागू करने को लेकर कुछ तय नहीं किया गया है. प्लानिंग मोड से भी अभी पॉलिसी दूर है. ऐसे में ये कब तक लागू होगी या इस पॉलिसी में क्या-क्या सहूलियत लोगों को मिलेंगी, इस पर कुछ कह पाना जल्दबाजी होगी.

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