विशेष विधानसभा सत्र से पहले सरकार बनाएगी रणनीति
छत्तीसगढ़ की राजनीति के लिए 'सुपर' 48 घंटे: 29 को कैबिनेट की अहम बैठक, 30 को विधानसभा का विशेष सत्र
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजनीतिक फिजां में आगामी 29 और 30 अप्रैल की तारीखें बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। राज्य सरकार ने प्रशासन और विधायी कार्यों को गति देने के लिए कमर कस ली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में होने वाली इन बैठकों पर न केवल विपक्ष, बल्कि पूरे प्रदेश की जनता की नजरें टिकी हुई हैं।
मंत्रालय में सजेगी कैबिनेट की बैठक
सरकार ने 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में मंत्रिपरिषद की एक हाई-प्रोफाइल बैठक बुलाई है।
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नीतिगत निर्णय: सूत्रों के हवाले से खबर है कि इस बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई बड़े नीतिगत बदलावों और लंबित प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है।
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अहम एजेंडा: बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से संबंधित नई योजनाओं की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा सकता है। साथ ही, जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार बड़ा ऐलान कर सकती है।
विशेष सत्र की रणनीति होगी तैयार
कैबिनेट बैठक के ठीक अगले दिन, यानी 30 अप्रैल को छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित होने जा रहा है। मंत्रालय में होने वाली चर्चा का एक बड़ा हिस्सा इसी सत्र की तैयारी पर केंद्रित रहेगा।
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विधायी कार्य: सरकार सदन में पेश किए जाने वाले विधेयकों और उन पर होने वाली चर्चा को लेकर अपनी व्यूह रचना तैयार करेगी।
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विपक्ष का जवाब: सत्र के दौरान उठने वाले संभावित सवालों और मुद्दों पर सरकार अपनी मजबूती बनाए रखने के लिए कैबिनेट में आम सहमति बनाएगी।
'नारी शक्ति वंदन' विधेयक पर टिकी निगाहें
इस राजनीतिक हलचल के केंद्र में ‘नारी शक्ति वंदन’ विधेयक के रहने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
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मंथन: माना जा रहा है कि 29 अप्रैल की कैबिनेट बैठक में इस विधेयक के कानूनी और सामाजिक पहलुओं पर गहन चर्चा होगी।
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रणनीति: सरकार इस बिल को सदन में पारित कराने और इसके राजनीतिक प्रभाव को लेकर विशेष रणनीति बना सकती है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में इसे सरकार का अब तक का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।

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