विजयवर्गीय के बंगले पर बनी नामांकन वापसी की रणनीति....
इंदौर से कांग्रेस को मजबूत उम्मीदवार नहीं मिल रहा था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की पंसद पर अक्षय कांति बम का टिकट तय हुआ था। भाजपा वैसे ही उन्हें साफ्ट टारगेट मान रही थी,लेकिन फिर उन्हें भाजपा में लाने की रणनीति पर काम हुआ। सब कुछ पहले से तय था,लेकिन भाजपा को नाम वापसी की तिथि का इंतजार था।
सोमवार सुबह अक्षय बम तिरंगा दुपट्टा पहन कर चोथइराम मंडी पर जनसंपर्क करने पहुंचे। यहां के फोटो उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर अपलोड किए। इसके बाद वे अकेले पलासिया में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के तीन नंबर बंगले पर पहुंचे। यहां विजयवर्गीय उनका इंतजार पहले से कर रहे थे।
नाश्ते के बाद विधायक रमेश मेंदोला के साथ उन्हें कलेक्टर कार्यालय भेजा गया। इसके लिए एमआईसी मेंबर जीतू यादव के वाहन का इस्तेमाल किया गया। नाम वापसी के दौरान कांग्रेसी विवाद न करे, इसलिए एक बी टीम कलेक्टर कार्यालय के नीचे भी तैनात की गई थी।
नाम वापसी के बाद मेंदोला उन्हें वाहन में लेकर जूनी इंदौर पहुंचे। इसके बाद बम विजयवर्गीय की गाड़ी में सवार हुए और भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां उनके साथ करीब दो घंटे तक भाजपा नेता चर्चा करते रहे। पहले यह तय हुआ था कि बम को भोपाल ले जाकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कराई जाए। फिर इंदौर में ही आयोजन करने पर सहमति बनी।
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