'जय भवानी' के नारे के साथ अकबर रोड साइन बोर्ड पर कालिख और पोस्टर चिपकाए गए
दिल्ली में कुछ शरारती तत्वों ने दिल्ली के माहौल को खराब करने की हरकत की. दिल्ली के अकबर रोड के अकबर रोड लिखे साइन बोर्ड पर काली कालिख पोत कर महाराणा प्रताप के पोस्टर लगाए गए. देर रात कुछ लोग अपने कंधों पर पटका डाल कर अकबर रोड पर पहुंचे और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आवास के पास बने गोलचक्कर पर लगे हरे रंग पर सफेद रंग से लिखे अकबर रोड पर काले रंग से पुताई कर दी और उसके बाद महाराणा प्रताप जी के पोस्टर हाथ में लेकर नारे लगाए.
महाराणा प्रताप जी के पोस्टरों को साइन बोर्ड पर लिखे अकबर रोड के ऊपर चिपका कर चले गए. हालांकि, पुलिस प्रशासन ने अकबर रोड के ऊपर लगे महाराणा प्रताप के पोस्टरों को हटा कर साइन बोर्ड पर अकबर रोड पर लगी काली कालिख को भी साफ कर दिया. सवाल ये उठता है कि मोस्ट वीवीआईपी इलाके में कुछ शरारती तत्व इस प्रकार की हरकत कर जाते है जब कि इस रोड पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आवास और कुछ ही दूरी पर कांग्रेस पार्टी दफ्तर है. दिल्ली पुलिस के जवान उनको क्यों रोकने में कामयाब नहीं हो सके.
‘अकबर रोड’ के साइनबोर्ड पर किसने पोती कालिख?
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, ‘अकबर रोड’ के साइनबोर्ड पर जिसने कालिख पोती, वे लोग हिंदू राष्ट्र नवनिर्माण सेना से जुड़े हुए प्रतीत होते हैं. वीडियो में दिख रहे अमित राठौर ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर हिंदू राष्ट्र नवनिर्माण सेना का राष्ट्रीय अध्यक्ष/संस्थापक होने का दावा भी किया है. इस मामले में पुलिस छानबीन कर रही है.
पिछले महीने भी हुआ था ऐसा
यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी दिल्ली में इस तरह की घटनाएं हुई हैं. दरअसल, छावा फिल्म देखने के बाद दिल्ली में कुछ दिन पहले यानी पिछले महीने कुछ शरारती तत्वों ने अकबर रोड और हुमायूं रोड पर लगे साइनबोर्ड पर कालिख पोत दी थी और उन पर छत्रपति शिवाजी के पोस्टर चिपका दिए थे. शरारती तत्वों ने साइन बोर्ड पर कालिख लगाने के बाद जमकर नारेबाजी भी की थी.

राशिफल 16 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सफलता की इबारत: वाटरशेड योजना ने बदली किसान छबी लाल की तकदीर
मध्यप्रदेश पुलिस की नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय सम्मान के लिए 20 मई तक नामांकन आमंत्रित
कोसमी में सफल बोर खनन से दूर हुआ जल संकट, ग्रामीणों के चेहरे खिले!
सुशासन तिहार बना भरोसे और राहत का माध्यम
उज्जैन की जनता सिंहस्थ संबंधी कार्यों में सहयोग कर पेश कर रही हैं नई मिसाल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
आदि उत्सव जनजातीय गौरव, संस्कृति और उद्यमिता का है अदभुत संगम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
शीघ्र ही होगा जीवनदायिनी तांदुला नदी का कायाकल्प
पायलट एवं फॉलो गाड़ियों का उपयोग बंद कर दिया सादगी