ओवरफ्लो मोड में पहुंचा रिहंद बांध, छोड़ा गया 42 हजार क्यूसेक पानी
सोनभद्र: उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा बांध रिहंद बांध एक बार फिर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। जलस्तर 869 फीट पार करने के बाद रविवार की आधी रात को सिंचाई विभाग ने बांध के पांच फाटक खोल दिए। इससे पहले जून से हो रही लगातार बारिश के चलते जुलाई और अगस्त महीने में दो बार फाटक खोले जा चुके हैं।
इस वर्ष पहली बार 28 जुलाई को बांध के फाटक खोले गए थे और 31 जुलाई तक एक फाटक से लगातार डिस्चार्ज होता रहा। इसके बाद चार अगस्त को सात फाटक खोले गए, जिन्हें 8 अगस्त को बंद किया गया। अब तीसरी बार जलस्तर 869 फीट से ऊपर पहुंच गया, जिसके बाद रविवार की आधी रात 12 बजे पांच फाटक खोल दिए गए।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश शर्मा ने बताया कि रविवार की शाम से ही बांध में पानी का इनफ्लो अचानक तेज हो गया था। रात 12 बजे तक जलस्तर 869.1 फीट पार कर गया। स्थिति को देखते हुए विभाग ने बारी-बारी से पांच फाटक खोले। उन्होंने बताया कि सभी फाटकों को 16 फीट तक खोला गया है और लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। सोमवार सुबह 8 बजे तक जलस्तर 869.1 फीट पर स्थिर रहा।
उधर, जल विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता शशिकांत राय ने बताया कि बांध पर बनी सभी छह टरबाइन फुल लोड पर चल रही हैं। इससे लगभग 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फाटक खोलने और टरबाइन से पानी छोड़ने के बाद लगभग 42 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। बांध से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में जल विद्युत निगम और सिंचाई विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

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