राहुल गांधी का MP मिशन: जिले स्तर की नियुक्तियों से लेकर संगठन तक होगी समीक्षा
भोपाल / उज्जैन: मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अभी करीब ढाई साल का समय शेष है, लेकिन कांग्रेस ने अभी से अपनी कमर कसनी शुरू कर दी है। पार्टी अब सत्ता में वापसी के लिए केवल रैलियों पर नहीं, बल्कि धरातल पर संगठन को फौलादी बनाने पर ध्यान दे रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस के शीर्ष नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी स्वयं मध्य प्रदेश के संगठनात्मक ढांचे की कमान संभालने जा रहे हैं। अगले महीने राहुल गांधी मध्य प्रदेश के दौरे पर रहेंगे, जहां वे उज्जैन और रीवा संभाग में कार्यकर्ताओं के साथ सीधे संवाद करेंगे और संगठन के कामकाज की बारीक समीक्षा करेंगे।
'संगठन सृजन अभियान' की अग्निपरीक्षा
अगले महीने जून में मध्य प्रदेश कांग्रेस के 'संगठन सृजन अभियान' को एक वर्ष पूरा होने जा रहा है। गौरतलब है कि पिछले साल 3 जून को भोपाल के रवींद्र भवन से खुद राहुल गांधी ने इस महाभियान की शुरुआत की थी। इसके तहत देश भर के वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक बनाकर 71 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई थी। अब एक साल बाद राहुल गांधी यह देखने आ रहे हैं कि कागजों पर बनी ये कमेटियां जमीन पर कितनी सक्रिय हैं। पार्टी के भीतर इसे राहुल गांधी की 'अग्निपरीक्षा' के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि वे खुद धरातल पर नियुक्त पदाधिकारियों की उपयोगिता को परखेंगे।
रैंडम वेरिफिकेशन: फोन पर होगा पदाधिकारियों का 'टेस्ट'
राहुल गांधी का यह दौरा सामान्य राजनीतिक दौरों से अलग होने वाला है। संगठन में की गई नियुक्तियों की सत्यता जांचने के लिए राहुल 'रैंडम वेरिफिकेशन' तकनीक का सहारा ले सकते हैं। समीक्षा के दौरान वे किसी भी बूथ समिति, पंचायत या वार्ड समिति के सदस्य को अचानक फोन लगा सकते हैं या वहीं बुलाकर उनसे सवाल-जवाब कर सकते हैं। राहुल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिन नेताओं के नाम सूची में दिए गए हैं, वे वास्तव में सक्रिय हैं या नहीं। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी भी इसी तैयारी में जुटी है कि राहुल गांधी के सामने संगठन की कोई भी कमजोरी उजागर न हो।
रीवा-उज्जैन से शुरू होगा समीक्षा का पहला चरण
कांग्रेस के संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले के अनुसार, मध्य प्रदेश में लगभग सभी कमेटियां बनकर तैयार हैं और वर्तमान में विधानसभा प्रभारी भौतिक सत्यापन (Physical Verification) का काम कर रहे हैं। इस प्रक्रिया के बाद मंडलम स्तर तक के पदाधिकारियों को दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। टीम के पूर्ण गठन और प्रशिक्षण के बाद पहले चरण में रीवा और उज्जैन संभाग में राहुल गांधी के कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई गई है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी लगातार क्रॉस-चेकिंग कर रहे हैं ताकि राहुल गांधी के सामने संगठन की एक मजबूत और सच्ची तस्वीर पेश की जा सके।

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