पंकज ओसवाल की बेटी वसुंधरा ओसवाल ने जेल में मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाया
भारतीय मूल के अरबपति पंकज ओसवाल की बेटी वसुंधरा ओसवाल ने आरोप लगाया है कि जिस समय वो जेल में बंद थीं, उस समय उनके साथ मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन किया गया. उनपर हत्या का आरोप लगाया गया, इसी मामले में वो युगांडा के जेल में बंद की गईं. उन्होंने इस दौरान 3 हफ्ते का समय बिताया. वसुंधरा की उम्र करीब 26 साल है. उनपर अपने पिता पंकज ओसवाल के पूर्व कर्मचारी मुकेश मेनारिया के अपहरण और हत्या का पिछले साल झूठा आरोप लगाया गया था. बाद में जांच में सामने आया कि मुकेश मेनारिया तंजानिया में जीवित अवस्था में मिले.
रिश्वत से मिली बुनियादी सुविधाएं
वसुंधरा ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि मुझे पांच दिन के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया गया था, लेकिन दो और हफ्ते के लिए जेल में बंद कर दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि मेरे मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन किया गया. इस दौरान उन्हें नहाने भी नहीं दिया जाता था.
उन्होंने बताया कि मुझे खाना और पानी से भी नहीं दिया जा रहा था. मेरी ऐसी हालत के कारण मेरे माता-पिता को मुझे खाना-पानी और दूसरी बुनियादी जरूरतों को दिलाने के लिए वकीलों के जरिए पुलिस अधिकारियों को रिश्वत देनी पड़ी. ताकि, मुझे खाना-पनी मिल सके और मैं जिंदा रह सकूं.
बिना वारंट के घर की ली तलाशी
उनके मुताबिक, ये समय इतना ज्यादा मुश्किल भरा था कि उन्हें वाशरूम में जाने भी नहीं दिया जाता था. वसुंधरा को एक अक्टूबर, 2024 को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें 21 अक्टूबर को जमानत मिल पाई थी. उनके मुताबिक, पुलिस ने बिना किसी वारंट के उनके घर की तलाशी ली.
उन्होंने कहा कि जब मैंने उन्हें वारंट दिखाने को कहा तो उन्होंने कहा कि हम युगांडा में हैं. हम कुछ भी कर सकते हैं. आप अब यूरोप में नहीं हैं. फिर उन्होंने मुझे अपने निदेशक से मिलाने के बहाने उनके साथ इंटरपोल जाने के लिए मजबूर किया. मैं उस दिन जाना नहीं चाहती थी तो एक पुरुष अधिकारी ने मुझे उठाया और अपनी वैन के अंदर पटक दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें आपराधिक वकील के बिना बयान देने के लिए मजबूर किया गया था.
72 घंटे अवैध हिरासत में रखा
वसुंधरा ने कहा कि बयान देने के बाद उन्हें एक कोठरी में हिरासत में रखा गया तथा उनसे 30,000 अमेरिकी डॉलर देने और अपना पासपोर्ट जमा कराने को कहा गया. अदालतों से बिना शर्त रिहाई का आदेश मिलने के बाद भी उन्हें 72 घंटे तक अवैध रूप से हिरासत में रखा गया. जब उन्हें पता चला कि मेनारिया जिंदा है, उसके बाद भी उन्होंने मुझे इन आरोपों के तहत जेल में रखा. मेनारिया 10 अक्टूबर को मिला था. मुझे इसके एक या दो सप्ताह बाद जमानत मिली.

शारदा उफान पर, लखीमपुर खीरी में बाढ़ ने बढ़ाई मुश्किलें; कई गांव टापू में तब्दील
भारत-जिम्बाब्वे T20 से पहले जानें हरारे की पिच का हाल, टॉस जीतकर क्या होगा सही फैसला?
काले कपड़ों में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, संसद में सरकार को घेरा
सीएम थलपति का केंद्र पर निशाना, बोले- NEET परीक्षा खत्म करना ही समाधान
नेपाल की राजनीति में नया मोड़, बालेन शाह भारत-चीन राजदूतों से करेंगे मुलाकात
NEET पेपर लीक को लेकर सदन में गरमाया माहौल, कांग्रेस विधायकों का विरोध प्रदर्शन
CJP प्रदर्शन में शबाना आजमी की तबीयत बिगड़ी, अस्थमा अटैक के बाद बोलीं- 'अब मैं ठीक हूं'
हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद नहीं थमा विवाद, 103 कर्मचारियों की पात्रता पर फिर बवाल
PCC सड़क का बंटवारा या दबंगई? रीवा में रास्ता रोकने का आरोप