सिर्फ खाना ही नहीं............पुतिन के साथ उनका विशेष पानी भी चलता हमेशा साथ
मॉस्को। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दुनिया के उन दुर्लभ नेताओं में शुमार हैं, जो अपने पीने और खाने के पानी को हमेशा अपने साथ रखते हैं। चाहे वह विदेश में किसी दौरे पर हों, उनका पानी हमेशा उनके साथ होता है। इतना ही नहीं, उनका टूथब्रश तक इसी पानी से इस्तेमाल होता है। नहाने और टॉयलेट के लिए पुतिन होटल के पानी का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसके लिए भी सुरक्षा टीम पहले से पूरी जांच करती है।
दुनिया में अमेरिका जैसे देशों के राष्ट्रपति अपने पानी के लिए ऐसा प्रावधान नहीं रखते, लेकिन रूस के पुतिन, उत्तर कोरिया के किम जोंग उन और चीन के शी जिनपिंग अपने खाने और पीने के पानी को साथ लेकर चलते हैं। जब पुतिन विदेश दौरे पर होते हैं, तब उनके साथ एक टीम होती है, जो उनके खाने-पीने की सामग्री और पानी की सुरक्षा को देखती है।
पुतिन के लिए पानी की बोतलें विशेष विमान से आती हैं। जैसे ही वह किसी देश में पहुँचते हैं, उनके लिए लदी हुई बोतलें होटल तक पहुंचाती हैं। दिनभर के कार्यक्रमों, मीटिंग्स और अन्य गतिविधियों में भी उनकी टीम पानी के खास इंतजाम रखती है, ताकि पुतिन को किसी भी समय सुरक्षित पानी मिल सके। सार्वजनिक और अंतरराष्ट्रीय मीटिंग्स में भी उनके पास हमेशा यही पानी रहता है। वह आम तौर पर छोटे-छोटे सिप में पानी पीते हैं और चाय-कॉफी का सेवन नहीं करते।
पुतिन के साथ उनकी किचन टीम और फूड टेस्टिंग लैब होती है, जो उनके लिए भोजन तैयार करती है। होटल में पहुंचते ही फटाफट किचन सेटअप होता है और रूस से लाए गए भोजन और सीलबंद बोतलबंद पानी का इस्तेमाल किया जाता है। सुरक्षा टीम यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी वस्तु या पानी असुरक्षित न हो, और किसी भी तरह का वेस्ट तुरंत नष्ट किया जाता है।
हालांकि सार्वजनिक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन यह स्पष्ट है कि पुतिन अपने विदेशी दौरे में होटल या स्थानीय पानी का बिल्कुल भी उपयोग नहीं करते। वे केवल अपने साथ लाया हुआ रूस का पानी पीते हैं और खाना बनाने में भी इसी पानी का इस्तेमाल किया जाता है। नहाने के लिए होटल का पानी इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन केवल तब जब सुरक्षा टीम ने पूरी तरह जांच लिया हो। हाथ धोना, टूथब्रश या मुंह साफ करने के लिए भी उनके अपने पानी का इस्तेमाल किया जाता है।

डॉक्टरों ने दिखाया हुनर, सिर में फंसी कैंची निकालकर बच्चे को दिया जीवनदान
ऑटोइम्यून बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकती है आंखों और मुंह की ड्राइनेस, जानें बचाव के तरीके
प्रकृति का अनमोल खजाना है नागालैंड, मानसून में इन 5 जगहों का नजारा नहीं भूलेंगे
संसद में नहीं थम रहा बवाल, राज्यसभा 3 बजे तक टली, लोकसभा में भिड़े सत्ता-विपक्ष
बारिश बनी आफत, बिलासपुर में NH-49 के निर्माणाधीन ओवरब्रिज को पहुंचा नुकसान
सदन में हंगामा और धक्का-मुक्की, डाकबंगला पथराव पर जमकर भिड़े विधायक
राजनांदगांव पहुंचा 7500 KM कांवड़ यात्रा का कारवां, रोहित का संकल्प जानकर रह जाएंगे हैरान
आखिरी फिल्म के लिए विजय ने मांगी बंपर फीस, स्टारकास्ट की सैलरी लिस्ट वायरल
सियार का कहर! घर में घुसकर सात लोगों पर हमला, पूरे इलाके में भय का माहौल