पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा मशरूम पहाड़
नई दिल्ली। बिहार राज्य के गया जिले का मशरूम पहाड़ अपनी अद्भुत भूगर्भीय संरचना के कारण मगध क्षेत्र पर्यटकों के बीच तेजी से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। गया जिले के जेठियन-राजगीर मार्ग पर अरई गांव के समीप स्थित यह पहाड़ी, अपनी मशरूम के आकार वाली विशाल चट्टानों के लिए प्रसिद्ध है, जिसे देखकर राहगीर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। जैसे ही आप जेठियन-राजगीर मार्ग पर अरई गांव के करीब पहुँचते हैं, सड़क किनारे खड़ी एक पहाड़ी पर बनी ये चट्टानें आपका ध्यान बरबस ही खींच लेती हैं। दूर से देखने पर ये बिल्कुल किसी विशाल मशरूम की तरह दिखाई देती हैं, मानो प्रकृति ने खुद अपनी अनूठी कलाकृति गढ़ी हो। ये चट्टानें इतनी आकर्षक और अद्वितीय हैं कि लोग यहाँ रुके बिना आगे नहीं बढ़ पाते।
हर उम्र के लोग, खासकर युवा, इस अनोखे नजारे को अपने कैमरे में कैद करने के लिए उत्सुक रहते हैं। यह स्थल अब प्री-वेडिंग शूट, रील बनाने और दोस्तों के साथ यादगार तस्वीरें लेने का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कोई एक चट्टान नहीं, बल्कि पहाड़ी की तलहटी में दो-तीन स्थानों पर इस तरह की मशरूमनुमा आकृतियाँ देखने को मिलती हैं। ये दृश्य वर्षों से यहाँ मौजूद हैं और अब मशरूम वाला पहाड़ के नाम से मशहूर हो चुके हैं। इस क्षेत्र की प्राकृतिक शांति और मनमोहक दृश्य यहाँ आने वाले हर राहगीर के मन को सुकून देते हैं। यहाँ की हवा में एक ताजगी और माहौल में एक ठहराव महसूस होता है, जो शहरों की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर एक सुकून भरा अनुभव प्रदान करता है। यह अनूठा डेस्टिनेशन केवल गया के लोगों को ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिलों नवादा और नालंदा के पर्यटकों को भी आकर्षित कर रहा है।
इसकी बढ़ती लोकप्रियता का एक कारण इसके आसपास मौजूद अन्य प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भी हैं। यहाँ से कुछ ही दूरी पर ऐतिहासिक राजगीर, प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर गहलौर घाटी, जेठियन और तपोवन गरम कुंड जैसे रमणीय स्थल स्थित हैं। इन सभी स्थलों के रास्ते में पड़ने के कारण रोजाना सैकड़ों पर्यटक इस मार्ग से गुजरते हैं और मशरूम वाली चट्टान की जानकारी रखने वाले लोग यहाँ रुककर अपनी यादें सहेजना नहीं भूलते। स्थानीय ग्रामीण अखिलेश कुमार बताते हैं कि यह स्थल विशेष रूप से युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। वे यह भी बताते हैं कि सालों से यह अनोखा आकार यहाँ मौजूद है, लेकिन यह कोई पूर्णतः प्राकृतिक संरचना नहीं है, बल्कि इसे इंसानों द्वारा आकार दिया गया है।

बांकुरा रैली: पीएम मोदी का टीएमसी पर हमला, 'निर्मम सरकार' को बताया महिला विरोधी
अमित शाह का मोडाकुरिचि में शक्ति प्रदर्शन, डीएमके सरकार पर बोला तीखा हमला
महिला आरक्षण बिल सिर्फ ध्यान भटकाने की कोशिश: अखिलेश यादव