रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून के आगमन के साथ ही फिजां पूरी तरह बदल गई है. प्रदेश के कई हिस्सों में अंधड़ और आकाशीय बिजली चमकने के साथ ही झमाझम बरसात का दौर शुरू हो चुका है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है. हालांकि, कुछ इलाके अब भी मानसून की पहली जोरदार बौछार का इंतजार कर रहे हैं. मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक आज यानी 30 जून से पूरे राज्य में मानसूनी गतिविधियां और ज्यादा रफ्तार पकड़ेंगी, जिसके चलते अगले चार दिनों तक अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा दर्ज की जा सकती है. इस दौरान कई जगहों पर वज्रपात यानी बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।

राजधानी समेत इन इलाकों में तेज अंधड़ और वज्रपात की चेतावनी

मौसम विभाग ने राज्य के एक बड़े हिस्से में तेज हवाओं के साथ भारी हलचल होने की संभावना जताई है. रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, और राजनांदगांव सहित धमतरी, बालोद, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर और कोरिया में मौसम काफी आक्रामक हो सकता है. इन जिलों में गरज-चमक के साथ बादलों की गड़गड़ाहट के बीच 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का पुख्ता अनुमान है।

बस्तर संभाग और सीमावर्ती जिलों में अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की सुरक्षा गाइडलाइन

दूसरी ओर, बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर और बस्तर जिले के साथ-साथ गरियाबंद, महासमुंद और बलरामपुर में भी मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने को कहा है. इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है. मौसम वैज्ञानिकों ने बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए आम जनता के लिए जरूरी सलाह जारी की है कि खराब मौसम या आंधी-तूफान के दौरान भूलकर भी पेड़ों के नीचे शरण न लें और खेतों में काम कर रहे किसान तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।