मॉनसून की फुहारों में निखरा मिनी गोवा, सैलानियों की भीड़ उमड़ी
खंडवा : बारिश का मौसम जिले के चारखेड़ा पर्यटन स्थल को गोवा वाली वाइब्स दे रहा है. जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर बैकवॉटर के बीच स्थित यह टापू इन दिनों हरियाली की चादर ओढ़े हुए है. मॉनसून की फुहारें और लहलहाती हरियाली यहां के नजारे को और भी अद्भुत बना रही हैं.
भारी बारिश से एक और जहां इंदिरा सागर डैम पानी से लबालब हो गया है. तो वहीं दूसरी ओर पानी बढ़ जाने से किनारों पर पसरी हरियाली और अधिक गहरी हो गई है. चारों ओर फैला पानी और उसके बीच उभरता यह टापू गोवा से कम नजर नहीं आ रहा है.
चारखेड़ा में बढ़ी सैलानियों की भीड़
वन विभाग द्वारा विकसित किए गए चारखेड़ा पर्यटन स्थल पर तितली पार्क और ईको टूरिज्म स्पॉट पर पर्यटकों की संख्या बढ़ गई है. बारिश के साथ छुट्टियों और वीकेंड होने से आसपास के जिलों से भी लोग यहां पहुंचते हैं. फैमिली और फ्रेंड्स के लिए यह जगह पिकनिक स्पॉट है, तो युवाओं के लिए फोटोग्राफी और ट्रैकिंग का रोमांचक केंद्र.
वन विभाग की पहल
वन विभाग इस स्थल को और आकर्षक बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है. यही वजह है कि पर्यटन स्थल के रूप में विकसित इस मिनी गोवा की सैर करने वालों की संख्या बढ़ गई है. एक तरह से चारखेड़ा को ईको-टूरिज्म के रूप में विकसित किया गया है. यह प्रदेश के पर्यटन स्थलों में खास जगह बनाने में कामयाब हुआ है.
प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग
पर्यटक मानते हैं कि चारखेड़ा का वातावरण मन को सुकून देने वाला है. शहर की भागदौड़ और शोरगुल से दूर यह स्थान लोगों का मन मोह रहा है. पूरा इलाका हरियाली से भरा हुआ है और बैकवॉटर लबालब भरा हुआ है. यही वजह है कि चारखेड़ा पर्यटन स्थल प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग से कम नहीं है.
डीएफओ राकेश कुमार डामोर कहते हैं, '' चारखेड़ा टापू करीब 3 हजार हेक्टेयर में फैला हुआ है. चारों तरफ से पानी से घिरे इस टापू तक नाव से पर्यटक पहुंचते हैं. प्राकृतिक सौंदर्य के साथ लोग बोटिंग का आंनद ले रहे हैं. बारिश में टापू का सौंदर्य और अधिक निखर आया है.''

नक्सल मुक्त क्षेत्र में विकास की सौगात : साहेबिन कछार में गिरधर सोरी और जुगसाय गोड को मिला जीवन का नया सहारा
‘बिहान’ योजना से बदल रही ग्रामीण महिलाओं की तस्वीर, बिलासो बाई बनीं ‘लखपति दीदी’
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रद्धेय बृजमोहन मिश्रा की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि मंत्री के निवास पर पहुंचकर वर-वधू को दिया आशीर्वाद
कृषि मंत्री नेताम ने मिट्टी एवं बीजों की पूजा की और ट्रैक्टर चलाकर बीजों की बुआई की
महतारी वंदन योजना से मिली नई दिशा, प्रेम बाई बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
जल गंगा संवर्धन अभियान से जल संरक्षण की दिशा में हुआ अभूतपूर्व कार्य
पानी बचाना हमारी जरूरत भी है और जिम्मेदारी भी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
जल जीवन मिशन से ग्राम बंधी की बदली तस्वीर