अवैध खनन रोकने पहुंचे वन रक्षक को माफिया ने बेरहमी से कुचला
मुरैना। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में बुधवार सुबह अवैध रेत माफिया ने एक बार फिर आतंक मचाया। चंबल क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन पर कार्रवाई करने गई वन विभाग की टीम पर हमला हुआ। इस दौरान बदमाशों ने वन रक्षक हरकेश गुर्जर को ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना दिमनी थाना क्षेत्र के रानपुर गांव चौराहे के पास हुई। पुलिस ने बताया कि अवैध रेत परिवहन की सूचना मिलने पर वन विभाग की 6 सदस्यीय टीम कार्रवाई करने पहुंची थी। इसी दौरान आरोपी ड्राइवर विनोद कोरी ने रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भागने की कोशिश की। वन रक्षक हरकेश गुर्जर ने उसे रोकने के लिए आगे बढ़ा, तभी विनोद कोरी ने उन्हें कुचल दिया और ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर फरार हो गया।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई फोटो
पास ही बने पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरे में आरोपी विनोद कोरी की तस्वीरें कैद हुई हैं। घटना स्थल पर कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, एसपी समीर सौरभ और डीएफओ हरिश्चंद्र बघेल पहुंचे और प्रत्यक्षदर्शियों से बात की।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। मृतक का शव मुरैना जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वन विभाग और पुलिस टीम इस मामले में त्वरित कार्रवाई कर रही है, जबकि आरोपी की तलाश जारी है। प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और रेत माफिया के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे अवैध रेत परिवहन के किसी भी प्रयास की सूचना तुरंत पुलिस या वन विभाग को दें।

राजनीति का नया मोड़: तमिलनाडु में DMK-कांग्रेस गठबंधन पर उठ रहे सवाल, मोदी और राहुल की भूमिका चर्चा में
खेल प्रशासन में सुधार के लिए उठाया गया सख्त कदम
राजनीतिक विवाद बढ़ा: BJP ने खरगे के बयान पर कार्रवाई की मांग की, माफी पर जोर
चुनावी रणनीति में ‘डबल इंजन’ की छवि को मिल रहा बढ़ावा
US‑Iran Ceasefire के बीच फारस की खाड़ी में भारतीय जहाजों की स्थिति पर नजर
हालात काबू में करने के लिए पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज
खुशखबरी किसानों के लिए: मध्य प्रदेश में फसल ऋण की नई नीति लागू, दो बार की जगह केवल एक बार भुगतान
समय रैना ने इंटरव्यू में बताया शो के पीछे की पूरी कहानी
मध्य प्रदेश में बदलाव: दिवाली तक नए UCC की तैयारी में जुटा गृह विभाग
सरकारी कामकाज से ज्यादा निजी ऐशो-आराम पर फोकस