किम जोंग ने एक बार फिर मलमूत्र वाले गुब्बारे सियोल भेजे
उत्तर कोरिया ने एक बार फिर शनिवार रात कचरा लिए 600 से अधिक गुब्बारे दक्षिण कोरिया भेजे। गत बुधवार को भी प्योंगयांग ने उपहार का नाम देकर कचरा और मलमूत्र लिए सैकड़ों गुब्बारे सियोल की ओर भेजे थे। दक्षिण कोरिया ने आक्रोश जताते हुए घटना की निंदा की थी।इधर, उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया केसीएनए ने उप रक्षा मंत्री के हवाले से इस अभियान को अस्थायी रूप से बंद करने की बात कही। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने कहा कि गुब्बारे सिगरेट बड, गंदे कपड़े, प्लास्टिक जैसी गंदगी लेकर शनिवार रात तकरीबन आठ बजे से रविवार सुबह दस बजे तक आए।
उन्होंने कहा कि सेना गुब्बारों को एकत्रित कर रही है। इन गुब्बारों पर गंदगी से भरे बैग लटके हुए हैं। उत्तरी ग्योंगसांग और गैंगवान प्रांत और सियोल के कुछ हिस्सों में रविवार को आपातकालीन अलर्ट जारी किया गया और लोगों से गुब्बारों के संपर्क में नहीं आने का आह्वान करते हुए पुलिस को सूचित करने को कहा गया।सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला संवाद से इतर दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री ने अमेरिकी रक्षा मंत्री ऑस्टिन लायड के साथ बैठक में कहा कि गुब्बारों ने युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया है। मामले में उत्तर कोरिया के उप रक्षा मंत्री किम कांग द्वितीय के हवाले से सरकारी मीडिया एजेंसी केसीएनए ने कहा कि उनका देश गंदगी लिए गुब्बारों को दक्षिण कोरिया भेजना अस्थायी रूप से बंद कर रहा है। हालांकि दक्षिण द्वारा किसी भी प्रकार से उत्तर कोरियाई विरोध पत्रक भेजे जाते हैं तो उत्तर कोरिया फिर दोबारा इसे शुरू किया जाएगा।

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (24 मार्च 2026)
जीवन प्रकृति पर आधारित,राज्य में वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास-मंत्री केदार कश्यप
प्रतियोगी परीक्षओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा नालंदा परिसर युवाओं को
प्रदेश में गौवंश संरक्षण के लिए बजट और नीतियों में बड़े बदलाव : मंत्री पटेल
संघर्ष से सुकून तक: नल-जल योजना से बदली राधाबाई की जिंदगी
गरियाबंद: प्रकृति, आस्था और रोमांच का जीवंत अनुभव
“किशोरी से मातृत्व तक" महिलाओं के हर चरण में स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करेगा शक्ति केंद्र : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की समृद्ध विरासत से परिचित कराना और प्रदेश के युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
इतिहास रचा पीएम मोदी ने, सबसे लंबी अवधि तक सत्ता में बने
प्रकृति की गोद में रोमांच- मोहरेंगा नेचर सफारी