कर्नाटक की सियासत में नया मोड़, ज्योतिषी के बयान से बढ़ी अटकलें
बेंगलुरु: कर्नाटक में नई सरकार के गठन को लेकर आज का दिन बेहद अहम है, जहाँ विधायक दल की औपचारिक बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है और डीके शिवकुमार का ताजपोश होना लगभग तय माना जा रहा है। इस बीच, एक जाने-माने ज्योतिषी ने दावा किया है कि शिवकुमार न सिर्फ राज्य की कमान संभालेंगे, बल्कि वे एक लंबे समय तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे। यह भविष्यवाणी ऐसे वक्त में आई है जब शिवकुमार को कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) का नेता चुने जाने की पूरी तैयारी हो चुकी है।
ज्योतिषी का दावा: 2028 में भी शिवकुमार की होगी सत्ता में वापसी
प्रसिद्ध ज्योतिषी द्वारकानाथ गुरुजी ने बताया कि उन्होंने कनकपुरा सीट से विधायक डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने के लिए तीन शुभ मुहूर्त (तिथियां) सुझाए हैं। उन्होंने कहा, "मैंने उन्हें 31 मई (रविवार), 5 जून और 6 जून की तारीखें दी हैं।" गुरुजी ने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि शिवकुमार का राजनीतिक प्रभाव ऐसा रहेगा कि वे साल 2028 के अगले विधानसभा चुनाव के बाद भी दोबारा सत्ता में वापसी करने में कामयाब रहेंगे।
दूसरी तरफ, निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा मंजूर किए जाने और कैबिनेट के भंग होने के बाद से ही कांग्रेस आलाकमान नए मंत्रिमंडल के स्वरूप को लेकर लगातार मंथन कर रहा है। इसी सिलसिले में शनिवार शाम चार बजे बेंगलुरु के विधान सौधा स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में विधायक दल की बैठक बुलाई गई है, जिसमें सर्वसम्मति से नए नेता का चुनाव किया जाएगा।
"आलाकमान का मिलेगा पूरा साथ, राज्य छुएगा विकास की नई ऊंचाइयां"
ज्योतिषी ने शिवकुमार के गृह नक्षत्रों का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का पूरा भरोसा और सहयोग हासिल होगा। उन्होंने कहा, "वे कुछ समय या सिर्फ एक टर्म के मुख्यमंत्री नहीं हैं, बल्कि उनकी यह पारी काफी लंबी चलने वाली है। उनकी कुंडली के ग्रह बेहद प्रभावशाली हैं।" गुरुजी का मानना है कि शिवकुमार के पास कर्नाटक की प्रगति का एक स्पष्ट रोडमैप है, जिसके दम पर राज्य विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
आगामी 2028 के चुनावों पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "भविष्य में वास्तविक अर्थों में मुख्यमंत्री पद का पूरा नेतृत्व करने के लिए उन्हें अगला चुनाव जीतना होगा। फिलहाल उनके सामने कई बड़ी चुनौतियां और जिम्मेदारियां हैं। अभी वे इन दायित्वों को बखूबी निभाएं और अगले कार्यकाल में इस पद का पूरा गौरव प्राप्त करें।"

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