फर्जी “डिजिटल अरेस्ट” गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
दक्षिण-पश्चिम जिले की साइबर पुलिस ने 'डिजिटल अरेस्ट' रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए तीन साइबर धोखेबाजों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह राजस्थान के जयपुर से संचालित हो रहा था और इसने एक वरिष्ठ नागरिक से 16 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। पुलिस ने आरोपियों से 1 लाख रुपये नकद, 9 मोबाइल फोन और 10 पासबुक/चेकबुक बरामद की हैं।7 दिसंबर 2025 को 75 वर्षीय एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें व्हाट्सएप पर सीबीआई इंस्पेक्टर बनकर एक व्यक्ति का फोन आया। धोखेबाज ने उनके बेटे को एक मनगढ़ंत आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी दी। महिला को दो दिनों तक लगातार डिजिटल अरेस्ट रखा गया। डर और दबाव में आकर उन्होंने धोखेबाजों द्वारा बताए गए खातों में 16 लाख रुपये स्थानांतरित कर दिए।गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राकेश मीना (25), छोटू लाल मीना (20) और योगेंद्र गुर्जर (19) के रूप में हुई है। जांच के दौरान पता चला कि यह गिरोह राजस्थान के जयपुर से संचालित हो रहा था।

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