रक्षा मंत्रालय का मीडिया को निर्देश – संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचें
भारत और पाकिस्तान की सीमा पर खराब हालात के चलते रक्षा मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी की है। सभी मीडिया चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म को लाइव कवरेज के लिए सावधानी बरतने के आदेश दिए गए हैं। रक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर यह सलाह दी है।
रक्षा मंत्रालय ने केबल टेलीविजन नेटवर्क्स (संशोधन) नियम 2021 के तहत यह आदेश जारी किया है। इसकी जानकारी एक्स प्लेटफॉर्म पर भी दी गई है।
रक्षा मंत्रालय ने किया पोस्ट
रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर लिखा कि, "सभी मीडिया चैनलों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और यूजर्स को सलाह दी जाकी है कि लाइव कवरेज या रियल टाइम रिपोर्टिंग के दौरान रक्षा ऑपरेशन और सेना के काफिले की मूवमेंट साझा न करें।"
रक्षा मंत्रालिय ने कहा-
सभी मीडिया चैनलों, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और व्यक्तियों को रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की आवाजाही का लाइव कवरेज या वास्तविक समय की रिपोर्टिंग से परहेज करें। यह सलाह राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में दी गई है।
पहले भी हुई थी गलती
रक्षा मंत्रालय ने इसके पीछे की वजह बताते हुए कहा कि, "इस तरह की संवेदनशील और ऑपरेशनल जानकारी साझा करने से खतरा उत्पन्न हो सकता है। इससे ऑपरेशन पर बुरा असर पड़ेगा। पहले भी कारगिल युद्ध, 26/11 आतंकी हमले और कांधार हाईजैकके दौरान ऐसी रिपोर्टिंग से देश को नुकसान हुआ है।"
प्रेस ब्रीफिंग में दी गई जानकारी ही दिखाएं
गृह मंत्रालय ने आगे कहा कि, केबल टेलीविजन नेटवर्क्स (संशोधन) नियम 2021 के तहत अधिकारी प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जो भी जानकारी साझा करेंगे, सिर्फ उन्हीं को दिखाने की इजाजत होगी। सभी से अपील है कि लाइव कवरेज के दौरान संवेदनशील जानकारी बिल्कुल न शेयर करें।

राशिफल 24 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना बनी आर्थिक संबल
बाल श्रम पर जीरो टॉलरेंस, हर मुक्त बच्चे के पुनर्वास पर होगा विशेष फोकस
महिला एशियन चैंपियनशिप की तैयारियों को लेकर मंत्री सारंग नाथुबरखेड़ा अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का किया निरीक्षण
समान नागरिक संहिता को व्यापक जनसमर्थन
माँ चन्द्रहासिनी आरोग्य धाम बनेगा जनसेवा का नया केंद्र : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
धमतरी जिले में 200 एकड़ से बढ़ाकर 600 एकड़ तक औषधीय खेती के विस्तार का लक्ष्य
मध्यप्रदेश पुलिस की साइबर अपराधियों पर लगातार कार्रवाई
इंदौर और विकास हैं एक दूसरे के पर्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कृषि में छत्तीसगढ़ का नया अध्याय बनाया धमतरी जिले ने