चैत्र माह की अमावस्या रहेगी विशेष
सनातन धर्म में अमावस्या तिथि बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस माह चैत्र माह की अमावस्या तिथि 28 मार्च को रात 7:55 बजे से शुरू होकर 29 मार्च को शाम 4:27 बजे समाप्त होगी। सनातन धर्म में अमावस्या तिथि बेहद खास मानी जाती है। इस बार शनिवार के दिन अमावस्या होने की वजह से इसे शनि अमावस्या कहा जाता है!
इस शुभ अवसर पर गंगा समेत अन्य पवित्र नदियों में स्नान किया जाता है और मां गंगा की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। इसके अलावा, अमावस्या तिथि पर पितरों के तर्पण के साथ ही पिंडदान भी किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि अमावस्या तिथि पर महादेव की पूजा से सभी तरह की परेशानियों से छुटकारा मिलता है, वहीं पूर्वजों का तर्पण करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है। शनि अमावस्या का खास महत्व और शुभ योग । ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस शनि अमावस्या के दिन कई दुर्लभ योग बन रहे है। इस दिन ब्रह्मा और इंद्र योग का शुभ संयोग भी बन रहा है। इसके अलावा, दुर्लभ शिव वास योग का भी निर्माण हो रहा है, जिसमें गंगा स्नान कर भगवान शिव के साथ शनिदेव की पूजा-अर्चना करने से हर मनोकामना पूरी होगी और जीवन में सुखों का आगमन होगा।

ICU ब्लॉग के बाद उठे सवालों पर अमिताभ बच्चन का जवाब, बोले- मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं
3 अगस्त से शुरू होगा विधानमंडल का मानसून सत्र, संभल हिंसा रिपोर्ट पर रहेगी नजर
वाराणसी-मुंबई सुपरफास्ट एक्सप्रेस के सामने रची गई साजिश, इमरजेंसी ब्रेक से बचा हादसा
गुजरात में पटाखा फैक्ट्री विस्फोट का कहर, 10 लोगों की मौत, कई घायल
छात्र आंदोलन पर सियासत तेज, शिक्षा मंत्री ने राहुल गांधी को घेरा
निशातपुरा स्टेशन का सपना हुआ साकार, तीन ट्रेनों के संचालन से होगी शुरुआत
उपद्रवियों पर दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, CJP प्रदर्शन मामले में 9 FIR दर्ज
विवाद बढ़ने पर बृज भूषण की सफाई, बोले- आहत भावनाओं के लिए क्षमाप्रार्थी हूं
मध्य प्रदेश में इमरजेंसी रिस्पॉन्स कानून पास, समय पर मदद पहुंचाने की कानूनी गारंटी
छात्र आंदोलन से संसद तक गूंजा विवाद, CJP प्रदर्शन ने बढ़ाई सियासी हलचल