भारत-फ्रांस सेनाओं का 7वां संयुक्त अभ्यास जारी
मेघालय में भारत और फ्रांस की सेनाओं के बीच शक्ति का 7 वां संयुक्त अभ्यास चल रहा है। अभ्यास के दौरान आत्मरक्षा के लिए पहाड़ों में जीवित रहने का अभ्यास किया जा रहा है।जनसंपर्क अधिकारी रक्षा, गुवाहाटी के अनुसार 13 से 26 मई तक संयुक्त अभ्यास आयोजित होगा। भारत-फ्रांस संयुक्त सैन्य अभ्यास शक्ति का 5 वां संस्करण 13 मई को मेघालय में उमरोई में शुरू हुआ। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य उप-पारंपरिक परिदृश्य में मल्टी डोमेन ऑपरेशंस करने के लिए दोनों पक्षों की संयुक्त सैन्य क्षमता को बढ़ाना है।उद्घाटन समारोह में भारत में फ्रांस के राजदूत थिएरी मथौ और 51 सब एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल ने प्रतिभाग किया।
भारतीय दल के 90 कर्मी जिसमें राजपूत रेजिमेंट की बटालियन और अन्य सैनिक शामिल हैं। भारतीय नौ सेना और भारतीय वायु सेना के पर्यवेक्षक भी अभ्यास का हिस्सा बनेंगे। वहीं फ्रांसीसी दल में 90 13 वीं विदेशी सेना हाफ-ब्रिगेड के कर्मी शामिल हैं।उन्होंने बताया कि संयुक्त अभ्यास अर्ध शहरी और पहाड़ी इलाकों में संचालन पर फोकस रहेगा। संयुक्त प्रशिक्षण में उच्च स्तरीय शारीरिक फिटनेस, सामरिक स्तर पर संचालन के लिए अभ्यास और परिष्कृत अभ्यास और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना है।उन्होंने यह भी बताया कि निर्धारित क्षेत्र कब्जा करना, संयुक्त कमान पोस्ट की स्थापना, खुफिया और निगरानी केंद्र की स्थापना, एक हेलीपैड, लैंडिंग स्थल की सुरक्षा, छोटी टीमों का प्रवेश और निष्कासन, विशेष हेलीबोर्न ऑपरेशन, घेराव और तलाशी ऑपरेशन के अलावा ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम का उपयोग आदि का प्रशिक्षण होगा।शक्ति अभ्यास दोनों पक्षों को संयुक्त अभियान चलाने के लिए रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं में सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा किया जाएगा।

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (24 मार्च 2026)
जीवन प्रकृति पर आधारित,राज्य में वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास-मंत्री केदार कश्यप
प्रतियोगी परीक्षओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा नालंदा परिसर युवाओं को
प्रदेश में गौवंश संरक्षण के लिए बजट और नीतियों में बड़े बदलाव : मंत्री पटेल
संघर्ष से सुकून तक: नल-जल योजना से बदली राधाबाई की जिंदगी
गरियाबंद: प्रकृति, आस्था और रोमांच का जीवंत अनुभव
“किशोरी से मातृत्व तक" महिलाओं के हर चरण में स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करेगा शक्ति केंद्र : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की समृद्ध विरासत से परिचित कराना और प्रदेश के युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
इतिहास रचा पीएम मोदी ने, सबसे लंबी अवधि तक सत्ता में बने
प्रकृति की गोद में रोमांच- मोहरेंगा नेचर सफारी