गोल्ड क्रैश का फायदा! भारतीयों ने Gold ETF में झोंकी ₹3,443 करोड़ की बड़ी रकम
नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में लगातार जारी उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता के माहौल के बीच घरेलू निवेशकों का रुझान म्यूचुअल फंड पर मजबूती से टिका हुआ है। देश के आम नागरिकों और संस्थागत निवेशकों ने एक बार फिर पारंपरिक बचत के बजाय वित्तीय बाजारों पर अपना भरोसा जताया है, जिससे निवेश के मोर्चे पर शानदार रिकवरी देखने को मिली है।
जून के महीने में इक्विटी म्यूचुअल फंड में रिकॉर्ड निवेश दर्ज
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) द्वारा जारी किए गए ताजा मासिक आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के जून महीने में म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया है। इस दौरान सक्रिय रूप से प्रबंधित यानी एक्टिवली मैनेज्ड इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में कुल 28,973.41 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश (नेट इनफ्लो) देखने को मिला है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि बाजार की हलचल के बावजूद निवेशक दीर्घकालिक विकास को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं और वे बाजार की गिरावट को निवेश के अवसर के रूप में देख रहे हैं।
मई के मुकाबले निवेश में दर्ज की गई छब्बीस फीसदी की भारी बढ़त
अगर हम पिछले महीने के आंकड़ों से इसकी तुलना करें, तो मई का महीना निवेश के लिहाज से चालू वर्ष 2026 का सबसे सुस्त दौर रहा था। मई में इक्विटी म्यूचुअल फंड में केवल 22,907.77 करोड़ रुपये का ही निवेश आया था, जो इस साल का न्यूनतम स्तर था। लेकिन जून आते-आते निवेशकों की धारणा में बड़ा बदलाव आया और निवेश की रफ्तार में लगभग 26 प्रतिशत का जोरदार उछाल दर्ज किया गया, जिसने बाजार के विश्लेषकों को भी सकारात्मक रूप से चौंका दिया है।
सुरक्षित निवेश की चाहत में गोल्ड ईटीएफ की तरफ तेजी से बढ़े कदम
एम्फी की इस रिपोर्ट में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाले आंकड़े सोने में निवेश को लेकर सामने आए हैं। जून के महीने में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (गोल्ड ईटीएफ) में निवेशकों की दिलचस्पी अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई। आंकड़ों के मुताबिक, मई महीने की तुलना में जून में गोल्ड ईटीएफ के भीतर होने वाले निवेश में सीधे पांच गुना से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कमोडिटी बाजार में इस तरह का भारी निवेश अमूमन बड़े आर्थिक बदलावों या निवेशकों के सुरक्षात्मक रुख का संकेत माना जाता है।
बाजार की अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव ने बढ़ाया सोने का आकर्षण
गोल्ड ईटीएफ में आई इस अप्रत्याशित तेजी के पीछे मुख्य वजह शेयर बाजार में समय-समय पर आने वाली गिरावट और वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव को माना जा रहा है। जब भी इक्विटी मार्केट में जोखिम बढ़ता है, तब निवेशक अपने पोर्टफोलियो को संतुलित और सुरक्षित करने के लिए सोने जैसे पारंपरिक व भरोसेमंद विकल्प का रुख करते हैं। इसके अलावा, आने वाले समय में महंगाई के दबाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मुद्रा के मूल्य में उतार-चढ़ाव की आशंका ने भी निवेशकों को गोल्ड फंड्स में भारी पूंजी लगाने के लिए प्रेरित किया है।

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