यूजीसी कानून के विरोध में जंतर मंतर में सवर्ण समाज का बड़ा प्रदर्शन
नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए यूजीसी (UGC) अधिनियम के खिलाफ देशव्यापी विरोध की लहर अब रीवा के बाद राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई है। 8 मार्च 2026 को देश के विभिन्न हिस्सों से आए हजारों लोगों ने जंतर-मंतर और रामलीला मैदान में जोरदार प्रदर्शन किया।हालांकि, पुलिस की सख्त कार्रवाई के कारण यह आंदोलन काफी तनावपूर्ण रहा। मध्य प्रदेश के रीवा से पहुंचा प्रतिनिधिमंडल प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मध्य प्रदेश के रीवा जिले से भी एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंचा था। आंदोलन का हिस्सा रहे अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के प्रदेश सचिव सतीश चौबे सहित सुधीर पांडे, जयकृष्ण पांडे,मोहित चौबे,अनुराग मिश्रा,उमेश उपाध्याय,राजकुमार शुक्ला,निखिल चौबे सहित सैकड़ों लोगों ने बताया कि यूजीसी अधिनियम को लेकर पूरे देश के सामान्य वर्गों में भारी आक्रोश है।
इसी आक्रोश को व्यक्त करने के लिए लोग दिल्ली की सड़कों पर उतरे थे।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि रामलीला मैदान और जंतर-मंतर पर पुलिस ने उनके साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया। उन्होंने आगे बताया कि पुलिस प्रदर्शनकारियों को सरकारी वाहनों में भरकर अलग-अलग स्थानों पर ले गई और शाम करीब 6:30 बजे उन्हें दूर-दराज के इलाकों में अकेला छोड़ दिया गया ताकि वे दोबारा एकजुट न हो सकें। यूजीसी अधिनियम को “सामान्य वर्गों का शोषण” करार देते हुए प्रदर्शनकारियों ने साफ किया है कि वे इस दमनकारी नीति के आगे झुकने वाले नहीं हैं। यूजीसी अधिनियम को लेकर सरकार और जनता के बीच गतिरोध बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सरकार उनकी चिंताओं को सुने, जबकि पुलिस की कार्रवाई ने इस मुद्दे को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।

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