नई दिल्ली। वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने देश की सॉवरेन रेटिंग को बीबीबी- श्रेणी पर ही बरकरार रखा है और साथ ही इसके दृष्टिकोण को स्थिर बनाए रखा है। एजेंसी का मानना है कि वैश्विक चुनौतियों और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े संकटों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की आंतरिक बुनियाद बेहद मजबूत बनी हुई है और यह विभिन्न झटकों का सामना करने में पूरी तरह सक्षम है।

मजबूत आर्थिक वृद्धि और स्थिर दृष्टिकोण

फिच रेटिंग्स द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि अमरीका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष या पश्चिम एशिया के तनावों से उपजी अनिश्चितताओं का भारत की दीर्घकालिक विकास संभावनाओं पर कोई स्थाई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। एजेंसी ने चालू वित्त वर्ष के दौरान देश की सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। इसके अलावा, नीतिगत विश्वसनीयता में लगातार हो रहा सुधार और व्यापक आर्थिक स्थिरता का मजबूत होता ट्रैक रिकॉर्ड देश की आर्थिक साख को और अधिक सुदृढ़ कर रहा है।

राजकोषीय अनुशासन और ऋण प्रबंधन के लक्ष्य

रिपोर्ट के अनुसार, भारत की यह निवेश ग्रेड रेटिंग देश के सुदृढ़ बाह्य वित्तीय सिद्धांतों और मजबूत वृद्धि संभावनाओं को प्रदर्शित करती है। उच्च आर्थिक वृद्धि दर के चलते सरकार के ऋण संबंधी मानदंडों में भी क्रमिक सुधार देखने को मिल रहा है। सरकार द्वारा निर्धारित राजकोषीय लक्ष्यों के तहत ऋण से जीडीपी अनुपात में लगातार कमी लाने का प्रयास किया जा रहा है, और आने वाले वर्षों में इसे और अधिक नियंत्रित स्तर पर लाने का लक्ष्य तय किया गया है, जो देश की वित्तीय स्थिति को दीर्घकाल में स्थिरता प्रदान करेगा।