भारत का रहस्यमयी बीच, जहां रात होते ही बदल जाता है माहौल! जानिए डरावनी कहानियां
भारत के मशहूर समुद्र तटों का जिक्र छिड़ते ही अक्सर लोगों के जेहन में गोवा या मुंबई के नाम उभरते हैं, लेकिन गुजरात का डुमस बीच अपनी प्राकृतिक छटा से ज्यादा अपनी अनसुलझी कहानियों के लिए चर्चा में रहता है. सूरत मुख्य शहर से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर बसा यह तट दिन के उजाले में जितना मनोरम और शांत नजर आता है, सूरज ढलते ही उतना ही डरावना और डरावना अहसास कराने लगता है. यही कारण है कि इस बीच की गिनती देश के सबसे भुतहा और डरावने समुद्र तटों में की जाती है.
काली रेत और श्मशान भूमि का इतिहास
इस समुद्र तट की सबसे बड़ी और अनोखी विशेषता यहां फैली गहरे काले रंग की रेत है. जहां दुनिया भर के तटों पर सुनहरी या सफेद रेत दिखती है, वहीं यहां की काली मिट्टी इस जगह को और अधिक रहस्यमयी बना देती है. रात के समय समंदर की उठती लहरें और दूर-दूर तक फैली यह काली जमीन किसी हॉरर फिल्म जैसा माहौल तैयार कर देती है. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यह पूरा क्षेत्र सदियों पहले एक हिंदू श्मशान घाट हुआ करता था, जहां शवों का अंतिम संस्कार किया जाता था. लोगों का मानना है कि इसी वजह से यहां कई तरह की पारलौकिक और अजीबोगरीब गतिविधियां महसूस होती हैं.
रात के सन्नाटे में अजीब आवाजें और अदृश्य साया
यहां आने वाले कई सैलानियों और स्थानीय निवासियों का दावा है कि उन्होंने रात के वक्त इस तट पर अजीब और डरावनी आवाजें सुनी हैं. कुछ लोगों का कहना है कि शाम होने के बाद वहां ऐसा प्रतीत होता है जैसे कोई अदृश्य साया उनका पीछा कर रहा हो या उन पर नजर रख रहा हो. अक्सर यहां के आवारा कुत्ते भी रात के अंधेरे में समंदर की तरफ देखकर अचानक भौंकने लगते हैं, जिससे यहां का माहौल और भी खौफनाक हो जाता है. इन सबके अलावा कुछ लोगों के रहस्यमयी ढंग से लापता होने की बातें भी कही जाती हैं, हालांकि इन दावों का कोई वैज्ञानिक आधार या आधिकारिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है.
रोमांच, खूबसूरती और खान-पान का अनोखा संगम
इन डरावनी कहानियों के बावजूद डुमस बीच की खूबसूरती पर्यटकों को अपनी ओर खींच ही लेती है. नीले समंदर के पानी के साथ काली रेत का जुड़ना एक बेहद ही आकर्षक और दुर्लभ नजारा पेश करता है. शांति पसंद करने वाले लोगों के लिए दिन के वक्त यह एक बेहतरीन जगह है. साथ ही इस बीच के किनारे मिलने वाले गरमा-गरम भजिए, पाव भाजी, नारियल पानी और पारंपरिक गुजराती स्नैक्स सैलानियों के सफर का मजा दोगुना कर देते हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि यहां की रेत का काला रंग प्राकृतिक खनिजों की मौजूदगी के कारण है और रात में आने वाली आवाजें तेज समुद्री हवाओं व लहरों का स्वाभाविक प्रभाव मात्र हैं. सच चाहे जो भी हो, यह जगह उन लोगों के लिए बेहद खास है जो अपनी यात्रा में रोमांच और रहस्य का अनुभव करना चाहते हैं.

कानपुर में वकीलों का उग्र प्रदर्शन, डीएम कार्यालय के गेट पर किया घेराव
जिम्बाब्वे ने खोले अपने पत्ते, सीरीज से पहले टीम का ऐलान; त्सिगा को मिला मौका
वृंदावन में विराट-अनुष्का की सादगी ने जीता दिल, नंगे पैर प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने पहुंचे
चिप की दुनिया में भारत का नया मिशन, चीन को चुनौती देने की रणनीति तैयार
छत्तीसगढ़ कैबिनेट से निकले बड़े फैसले, अग्निवीरों को मिलेगा आरक्षण, किसानों को राहत
बिलासपुर रेंज में अपराधियों के खिलाफ बड़ा कदम, नई नीति से पुलिस रहेगी हर समय अलर्ट
क्रूड में तेजी से बढ़ी चिंता, महंगे ईंधन का असर दिख सकता है बाजार में
महाकुंभ की तर्ज पर सिंहस्थ की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था होगी हाईटेक
कांग्रेस और सरकार पर अखिलेश का तीखा हमला, संसद में बयान से बढ़ी सियासी हलचल
हाई कोर्ट ने सुनाया अहम फैसला, छोटी घरेलू अनबन को नहीं माना मानसिक क्रूरता