बिजली आपूर्ति में रुकावट पर हाई कोर्ट की फटकार, विभाग से मांगा जवाब
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य में चरमराई बिजली व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति पूरी तरह ध्वस्त होने और घंटों तक सुधार कार्य न होने संबंधी मामलों पर स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत ने विद्युत वितरण विभाग से सीधा सवाल किया है कि आम जनता को बिना किसी रुकावट के बिजली सुविधा देने के लिए विभाग द्वारा क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
इन बड़े अधिकारियों को व्यक्तिगत हलफनामा पेश करने के निर्देश
हाईकोर्ट ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ के ऊर्जा विभाग के सचिव, बिलासपुर नगर निगम के कमिश्नर और सीएसपीडीसीएल (CSPDCL) रायपुर के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) को व्यक्तिगत हलफनामा (पर्सनल एफिडेविट) दाखिल करने का आदेश दिया है। अधिकारियों को कोर्ट में यह बताना होगा कि बिलासपुर शहर के नागरिकों को बिना किसी बाधा के बिजली की सही सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने क्या योजना बनाई है। इसके साथ ही, सड़कों और गलियों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को लेकर भी जवाब मांगा गया है।
पहली ही बारिश में ठप हो गई थी शहर की बत्ती
गौरतलब है कि सोमवार की शाम को तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के बाद पूरे बिलासपुर शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई थी। यहाँ तक कि कलेक्टर बंगले के पास 11 केवी (KV) लाइन पर पेड़ गिर जाने से सिविल लाइन क्षेत्र और जज कॉलोनी सहित कई वीआईपी इलाकों में देर रात तक अंधेरा पसरा रहा, जिससे लोग बेहद परेशान रहे। इस मामले की अगली सुनवाई अब 7 जून 2026 को तय की गई है।
मेंटेनेंस के नाम पर खानापूर्ति, विभाग के दावों की खुली पोल
कोर्ट की तल्ख टिप्पणी: बिजली विभाग द्वारा गर्मी के चारों महीनों में बिजली कटौती कर मेंटेनेंस (रखरखाव) का काम किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद मानसून की शुरुआत होते ही स्थिति विभाग के नियंत्रण से बाहर हो जाती है।
हाईकोर्ट ने इसी लापरवाही पर संज्ञान लेते हुए बिजली विभाग और नगर निगम बिलासपुर समेत अन्य संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इसके अलावा, नगर निगम से यह भी जानकारी मांगी गई है कि बारिश के मौसम में शहर को डूबने से बचाने और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए उनके पास क्या मुकम्मल तैयारी है।

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