गलत अंगुली में तो नहीं पहन रहे सोने की अंगूठी, लाभ होने की जगह आप पर पड़ रही शनि की वक्र दृष्टि, अनजाने में झेल रहे हैं कष्ट, जानें नियम
हिंदू धर्म में सोने की अंगूठी या अन्य आभूषण पहनना बेहद शुभ होता है. यह व्यक्ति के सुख और समृद्धि को दर्शाता है, साथ ही इसका संबंध ग्रहों से भी होता है. सोना का संंबंध ग्रहों के राजा सूर्य और देवों के गुरु बृहस्पति से है. बहुत से लोग अपने हाथों में सोने की अंगूठी पहनते हैं, वह सामान्य हो सकती है या फिर उसमें कीमती पत्थर जड़े हो सकते हैं. सोने की अंगूठी पहनना अच्छा है, लेकिन उसे सही अंगुली में पहना जाए. यदि वह अंगूठी सही अंगुली में नहीं है तो फिर उसका शुभ प्रभाव आपको नहीं प्राप्त होगा. गलत अंगुली में पहने से शनि की वक्र दृष्टि आप पर पड़ सकती है. जिससे अनजाने में आपका नुकसान हो सकता है, शनि के कष्टों से परेशान हो सकते हैं, काम की गति धीमी हो सकती है. इसलिए सोने की अंगूठी किस अंगुली में पहनना चाहिए, यह जानना जरूरी है.
सोने की अंगूठी पहनने के नियम
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सोने का संबंध सूर्य और गुरु ग्रह से है, तो आपको सोने की अंगूठी भी सूर्य और गुरु की अंगुली में ही पहननी चाहिए.
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, तर्जनी और अनामिका अंगुली का संंबंध सूर्य और गुरु ग्रह से होता है. इन दोनों ही अंगुलियों में आप सोने की अंगूठी पहन सकते हैं.
अब सवाल यह हैं कि कैसे पहचानें? यह जानना बहुत आसान है. आपकी हथेली के अंगूठे के बाद जो पहली अंगुली होती है. उसे तर्जनी अंगुली कहते हैं. इसका संबंध देवों के गुरु बृहस्पति से होता है.
तर्जनी अंगुली में सोने की अंगूठी पहनने से कुंडली का गुरु दोष दूर होता है. गुरु का शुभ प्रभाव जीवन में होता है. इससे शिक्षा, यश, करियर, वैवाहिक जीवन आदि में सकारात्मक बदलाव होते हैं.
वहीं अनामिका अंगुली आपकी हथेली की सबसे छोटी अंगुली के बाद दूसरे नंबर पर आती है. आमबोलचाल में लोग इसे रिंग फिंगर भी कहते हैं. अनामिका अंगुली का संबंध ग्रहों के राजा सूर्य से है.
जब आप अनामिका अंगुली में सोने की अंगूठी पहनते हैं, तो करियर, यश, कीर्ति, पिता से संबंध, नौकरी, सरकारी सेवा, धन, राजनीति आदि में लाभ मिलता है. कुंडली का सूर्य दोष मिटता है.
आप सोने की अंगूठी को सूर्य या गुरु ग्रह से संबंधित दिन को पहन सकते हैं. इस आधार पर सोने की अंगूठी गुरुवार या रविवार के दिन धारण कर सकते हैं.
यदि आपकी अंगूठी में ग्रहों से संबंधित कोई स्टोन लगा है तो आप उसके अनुसार बताई गई अंगुली में ही उसे धारण करें.
भूलकर भी मध्यमा अंगुली में न पहनें सोने की अंगूठी
कभी-कभी लोग अनजाने में सोने की अंगूठी को अपनी मध्यमा अंगुली यानि हथेल की सबसे बड़ी अंगूली में पहन लेते हैं. उनसे पूछो कि आपने ये अंगूठी इस अंगुली में क्यों पहनी है तो अलग अलग कारण बता देते हैं, लेकिन आपको बताएं कि गलती से भी मध्यमा अंगुली में सोने की अंगूठी नहीं पहननी चाहिए क्योंकि यह शनिदेव की अंगुली है. सोना सूर्य का प्रिय धातु है, वहीं शनि का प्रिय धातु लोहा है. शनि और सूर्य एक दूसरे से शत्रुता का भाव या विरोधी गुण वाले हैं.
जब आप अनजाने में मध्यमा अंगुली में सोने की अंगूठी पहनते हैं तो शनि के कारण उसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. आपके बनते हुए काम बिगड़ सकते हैं, कामों में देर हो सकती है या वह लटक सकता है. शनि से जुड़ी समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं. धन हानि, दुर्घटना, कोर्ट केस, वाद विवाद, बीमारी, तनाव आदि का सामना करना पड़ सकता है.

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