लखनऊ अग्निकांड: रिपोर्ट ने बढ़ाईं अफसरों की मुश्किलें, 100 से ज्यादा नामों की सूची तैयार
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड मामले की उच्च स्तरीय जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचता जा रहा है। इस संवेदनशील प्रकरण में अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के एक पूर्व उपाध्यक्ष (वीसी), जो कि वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी हैं, को भी सीधे तौर पर घटना के लिए जवाबदेह और जिम्मेदार पाया गया है। जांच टीम द्वारा इस आईएएस अधिकारी के खिलाफ तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट बेहद जल्द अग्रिम दंडात्मक कार्रवाई के लिए राज्य शासन को प्रेषित की जा रही है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक एलडीए के छह वरिष्ठ पीसीएस (PCS) अधिकारियों—अरविंद त्रिपाठी, वीवी मिश्रा, अरुण सिंह, संजय पांडेय, शिरीश वर्मा और डीके सिंह को प्रारंभिक जांच में दोषी करार दिया जा चुका है। एलडीए प्रशासन ने इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच और निलंबन की संस्तुति रिपोर्ट शासन को भेज दी है। चूंकि ये सभी अधिकारी अलग-अलग कालखंड में प्राधिकरण के भीतर अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक पदों पर आसीन रहे हैं, इसलिए नियमों के अनुसार इन पर अंतिम दंडात्मक कार्रवाई का अधिकार केवल नियुक्ति विभाग के पास सुरक्षित है, जहां यह फाइल जल्द पहुंचने की उम्मीद है।
विशेष जांच दल (SIT) की सख्ती के बाद 100 से अधिक अधिकारियों पर कसेगा शिकंजा
अलीगंज हादसे की परतें खुलने के साथ ही अब एलडीए के 100 से अधिक छोटे-बड़े अधिकारियों और तकनीकी इंजीनियरों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। शुरुआत में प्राधिकरण द्वारा केवल 18 इंजीनियरों और 6 पीसीएस अफसरों के नामों की सूची ही शासन और विशेष जांच दल (SIT) को सौंपी गई थी।
परंतु, एसआईटी और शासन की कड़ी रुख के बाद इस लिस्ट को नए सिरे से खंगाला गया, जिसके बाद वर्ष 2016 से लेकर वर्ष 2026 तक अलीगंज क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालने वाले सभी संदेहास्पद अफसरों व इंजीनियरों को इस जांच के दायरे में शामिल कर लिया गया है। इसी सिलसिले में शनिवार को एसआईटी ने संपत्ति, भवन मानचित्र (मैप) और विहित प्राधिकारी के दायित्वों से जुड़े कई अधिकारियों को अपने दफ्तर तलब कर उनके बयान दर्ज किए।
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार से एसआईटी ने की पूछताछ, सौंपे गए महत्वपूर्ण दस्तावेज
मामले की गंभीरता को देखते हुए एलडीए के वर्तमान उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार और एक अपर सचिव शनिवार को खुद शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और एसआईटी के समक्ष उपस्थित हुए। पूछताछ के दौरान उनसे अलीगंज क्षेत्र में हुए अवैध निर्माणों, कमर्शियल गतिविधियों और उसमें विभागीय स्तर पर बरती गई घोर लापरवाही को लेकर कड़े सवाल पूछे गए।
साथ ही, एसआईटी ने यह भी जवाब मांगा कि भविष्य में राजधानी के भीतर ऐसे जानलेवा हादसों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए एलडीए वर्तमान में क्या ठोस और सुधारात्मक कदम उठा रहा है। इस बैठक के दौरान एलडीए प्रशासन ने पूर्व में किए गए संपत्तियों के आवंटन, स्वीकृत नक्शों और अवैध निर्माणों के खिलाफ जारी ध्वस्तीकरण (बुलडोजर कार्रवाई) के आदेशों को रहस्यमयी ढंग से वापस लिए जाने से जुड़ी बेहद गोपनीय फाइलें और दस्तावेज एसआईटी को सौंप दिए हैं। अब उन 100 से अधिक जूनियर इंजीनियरों (JE) और सहायक अभियंताओं (AE) की सूची भी भेजी जा रही है जो प्रवर्तन और विहित प्राधिकारी विंग का हिस्सा रहे हैं।
सभी को दोषी बनाए जाने की नीति से एलडीए के इंजीनियरों में बढ़ा असंतोष
दूसरी तरफ, जैसे ही यह खबर आम हुई कि वर्ष 2016 से लेकर अब तक यानी पिछले 10 सालों में अलीगंज क्षेत्र में कुछ महीनों के लिए भी तैनात रहे हर छोटे-बड़े कर्मचारी और अधिकारी को इस केस में सह-आरोपी बनाया जा रहा है, एलडीए के भीतर अंदरूनी विरोध और गुस्सा भड़क उठा है।
प्राधिकरण के इंजीनियरों और तकनीकी अधिकारियों का तर्क है कि कार्रवाई का मुख्य फोकस केवल उन लोगों पर होना चाहिए जिन्होंने वास्तव में नियमों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण की अनुमति दी या भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। एसोसिएशन का कहना है कि सिर्फ सूची को लंबी दिखाने के लिए उन अफसरों पर भी कार्रवाई की तलवार लटकाना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है, जिनकी तैनाती उस क्षेत्र में महज दो या तीन महीनों की संक्षिप्त अवधि के लिए रही थी। इस सामूहिक कार्रवाई को लेकर तकनीकी अमले में भारी असंतोष व्याप्त है।

Q1 नतीजों से Nestle India को मिला बूस्ट, ₹959 करोड़ के मुनाफे के बाद चढ़ा शेयर
रिश्तों का सबसे खौफनाक अंत! जिन बेटों के लिए की प्रार्थना, उन्हीं ने मां-बाप की ले ली जान
छात्र आंदोलन पर नसीरुद्दीन शाह का तीखा रिएक्शन, दिल्ली पुलिस पर साधा सीधा निशाना
पीएम मोदी से शरद पवार की मुलाकात, महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चाएं तेज
हॉलीवुड की उभरती स्टार केली हॉटल का सड़क हादसे में निधन, 18 साल की उम्र में टूटा सपना
शारदा उफान पर, लखीमपुर खीरी में बाढ़ ने बढ़ाई मुश्किलें; कई गांव टापू में तब्दील
भारत-जिम्बाब्वे T20 से पहले जानें हरारे की पिच का हाल, टॉस जीतकर क्या होगा सही फैसला?
काले कपड़ों में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, संसद में सरकार को घेरा
सीएम थलपति का केंद्र पर निशाना, बोले- NEET परीक्षा खत्म करना ही समाधान