10 साल की उम्र में अपराध की शुरुआत, अब एनकाउंटर में खत्म हुई महताब की कहानी
शामली: उत्तर प्रदेश के पश्चिमी छोर पर स्थित शामली जिले में पुलिस प्रशासन को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। आदर्श मंडी और कांधला थाना पुलिस की संयुक्त टीम के साथ हुई एक भीषण मुठभेड़ में कुख्यात मुकीम काला गिरोह का बेहद शातिर और 50 हजार रुपये का इनामी हिस्ट्रीशीटर बदमाश महताब उर्फ बेचैन मारा गया है। यह मुठभेड़ उस वक्त हुई जब आरोपी अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर दो सगे किसान भाइयों से असलहे के बल पर लूटपाट कर भाग रहा था। इस क्रास फायरिंग के दौरान अदम्य साहस का परिचय देने वाले आदर्श मंडी थाने के उपनिरीक्षक (दरोगा) दीपचंद भी हाथ में गोली लगने से गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं।
मुजफ्फरनगर हाईवे पर आधी रात को किसान भाइयों से हुई थी लूट
पुलिस अधीक्षक (एसपी) एनपी सिंह द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वारदात 26 जून की देर रात करीब तीन बजे की है। बाबरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम हाथी करौदा के निवासी नरेंद्र अपने सगे भाई नरेशपाल के साथ मोटरसाइकिल से आदर्श मंडी क्षेत्र के ग्राम जलाल स्थित अपने खेतों में सिंचाई (पानी लगाने) के लिए जा रहे थे। जैसे ही दोनों भाई मुजफ्फरनगर हाईवे पर जलालपुर कट के पास पहुंचे, तभी घात लगाकर बैठे दो अज्ञात बाइक सवार अपराधियों ने उन्हें रोक लिया।
बदमाशों ने किसानों की कनपटी पर तमंचा सटाकर जान से मारने की धमकी दी और उनसे बाइक की चाबी, मोबाइल फोन और जेब में रखे करीब 200 रुपये नकद लूट लिए। जब किसानों ने इसका विरोध करने का प्रयास किया, तो बदमाश दहशत फैलाने के लिए हवा में गोलियां बरसाते हुए वहां से रफूचक्कर हो गए। पीड़ितों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत इस डकैती की सूचना आदर्श मंडी पुलिस को दी, जिसके बाद समूचे जिले में नाकेबंदी कर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया गया।
12 किलोमीटर दूर खंदरावली पुलिया के पास घिरे बदमाश, दरोगा को लगी गोली
लूट की वारदात के ठीक एक घंटे बाद, घटना स्थल से लगभग 12 किलोमीटर दूर कांधला थाना क्षेत्र में खंदरावली पुलिया के पास नलकूप के निकट पुलिस की घेराबंदी देखकर बदमाशों ने खुद को फंसता पाया। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों की ओर से करीब 12 से अधिक राउंड गोलियां चलाई गईं, जिसमें से एक गोली सीधे दरोगा दीपचंद के हाथ को चीरती हुई निकल गई।
पुलिस टीम ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला और पलटवार किया। दोनों ओर से हुई इस भीषण गोलीबारी में कैराना के मोहल्ला आलकला का रहने वाला हिस्ट्रीशीटर महताब गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा, जबकि उसका दूसरा साथी अंधेरे और खेतों की आड़ का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल रहा। पुलिस ने तत्काल दोनों घायलों को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद बदमाश महताब को मृत घोषित कर दिया, वहीं घायल दरोगा का उपचार जारी है।
मौके से अत्याधुनिक हथियार और कारतूसों का जखीरा बरामद
एनकाउंटर के बाद फॉरेंसिक और पुलिस टीम ने जब घटना स्थल की बारीकी से पड़ताल की, तो मारे गए अपराधी के पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार और लूटी गई सामग्री बरामद हुई। पुलिस ने मौके से:
-
एक 9 एमएम (9mm) की आधुनिक पिस्टल और एक स्वचालित कार्बाइन।
-
13 जिंदा कारतूस और 8 खाली खोखे।
-
किसानों से लूटा गया मोबाइल फोन, नकदी और उनकी मोटरसाइकिल की चाबी।
-
वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की एक संदिग्ध बाइक बरामद की है।
सिर्फ 10 साल की उम्र में की थी पहली हत्या, तीन राज्यों में था आतंक का पर्याय
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मुठभेड़ में ढेर हुआ महताब उर्फ बेचैन बचपन से ही बेहद क्रूर और शातिर दिमाग का अपराधी था। उसने अपराध की दुनिया में अपना पहला कदम महज 10 साल की उम्र में रखा था, जब उसने वर्ष 2000 में कैराना के मोहल्ला शेखबद्दा निवासी रहीसुद्दीन पहलवान के 12 वर्षीय मासूम बेटे आरिफ को घर से बुलाकर उसकी बेरहमी से गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इस खौफनाक वारदात का मुकदमा आज भी जुवेनाइल (बाल) कोर्ट में लंबित था।
समय के साथ महताब जेब कतरी और नकबजनी से आगे बढ़ते हुए कुख्यात मुकीम काला गैंग का मुख्य शूटर बन गया। उस पर शामली, सहारनपुर और हरियाणा के पानीपत में हत्या, डकैती, रंगदारी, लूट और जानलेवा हमले के करीब 47 संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे। वह कैराना थाने का घोषित हिस्ट्रीशीटर (एचएस नंबर 349 ए) था। हाल ही में वह थानाभवन शुगर मिल के सहायक प्रबंधक अरविंद कुमार से लूटपाट करने और हरियाणा पुलिस की एक महिला आरक्षी ज्योति मलिक से सोने के आभूषण लूटने के मामले में वांछित चल रहा था। इसी के चलते डीआईजी रेंज की ओर से उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। 2017 के बाद से वह अपनी पहचान छिपाकर सहारनपुर में ठिकाना बदले हुए था।
कड़े सुरक्षा घेरे में पैतृक कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक
मुठभेड़ में मारे जाने के बाद महताब के शव का डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया। शाम के वक्त कागजी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पुलिस ने शव उसके परिजनों को सौंप दिया। देर शाम भारी सुरक्षा बंदोबस्त और पुलिस बल की मौजूदगी के बीच महताब के शव को कैराना की टीचर्स कॉलोनी स्थित उसके पैतृक कब्रिस्तान ले जाया गया, जहां धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उसे सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। एसपी एनपी सिंह ने बताया कि मौके से फरार हुए दूसरे डकैत की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की स्वाट (SWAT) और सर्विलांस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं, और उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

वाराणसी-मुंबई सुपरफास्ट एक्सप्रेस के सामने रची गई साजिश, इमरजेंसी ब्रेक से बचा हादसा
गुजरात में पटाखा फैक्ट्री विस्फोट का कहर, 10 लोगों की मौत, कई घायल
छात्र आंदोलन पर सियासत तेज, शिक्षा मंत्री ने राहुल गांधी को घेरा
निशातपुरा स्टेशन का सपना हुआ साकार, तीन ट्रेनों के संचालन से होगी शुरुआत
उपद्रवियों पर दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, CJP प्रदर्शन मामले में 9 FIR दर्ज
विवाद बढ़ने पर बृज भूषण की सफाई, बोले- आहत भावनाओं के लिए क्षमाप्रार्थी हूं
मध्य प्रदेश में इमरजेंसी रिस्पॉन्स कानून पास, समय पर मदद पहुंचाने की कानूनी गारंटी
छात्र आंदोलन से संसद तक गूंजा विवाद, CJP प्रदर्शन ने बढ़ाई सियासी हलचल
बादल छाए रहेंगे, कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश संभव
टंट्याभील चौराहे पर छात्रों का महाजुटान, NEET पेपर लीक के विरोध में लगातार प्रदर्शन