अब नहीं काटने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर, 30 दिन में सुधरेंगी दस्तावेजों की गलतियां
फरीदाबाद। सरकारी पहचान पत्रों और पेंशन आईडी में नाम की स्पेलिंग अलग होने या किसी भी तरह की त्रुटि के कारण दफ्तरों के चक्कर काट रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। बुजुर्गों और अन्य लाभार्थियों की इस परेशानी को खत्म करने के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) कार्यालय को एक नया मॉड्यूल सौंप दिया गया है। आज सुबह 10 बजे तक मिले अपडेट के अनुसार, इस नए सिस्टम के जरिए नाम से जुड़ी सभी गलतियों को एक महीने से भी कम समय में सुधार दिया जाएगा। इसके लिए नागरिकों को अपने जरूरी दस्तावेज सेक्टर-15ए स्थित जिला समाज कल्याण कार्यालय में जमा कराने होंगे।
शहर के करीब 1.88 लाख लाभार्थियों को मिलेगा सीधा फायदा
इस नई व्यवस्था से फरीदाबाद के उन हजारों लोगों को सीधा फायदा पहुंचेगा जो लंबे समय से पहचान पत्रों में सुधार के लिए परेशान थे। वर्तमान में शहरभर में बुजुर्ग, विधवा, कैंसर पीड़ित, निराश्रित और लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत सम्मान भत्ता (पेंशन) प्राप्त करने वाले लाभार्थियों की कुल संख्या लगभग 1,88,698 है।
दस्तावेजों में गड़बड़ी के कारण रुकी थी 1600 लोगों की पेंशन
सरकारी नियमों के मुताबिक पेंशन की राशि हर महीने सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। लेकिन बीते दिसंबर महीने में पहचान पत्रों और पेंशन आईडी के बीच डेटा मैच न होने, बैंक का आईएफएससी (IFSC) कोड बदलने, उम्र की विसंगति और आय सीमा बढ़ने जैसे तकनीकी कारणों की वजह से करीब 1,600 लाभार्थियों की पेंशन रोक दी गई थी।
अधिकारियों का दावा— समय पर होगा समाधान
विभागीय अधिकारियों का दावा है कि इस नए मॉड्यूल के सक्रिय होने के बाद डेटा मिसमैच की समस्या को बेहद तेजी से दूर किया जा सकेगा। जिन भी पात्र लोगों की पेंशन दस्तावेज़ों की कमियों के कारण रुकी हुई है, उनके रिकॉर्ड का मिलान कर जल्द ही पेंशन का दोबारा सुचारू भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। प्रभावित लोग जिला समाज कल्याण कार्यालय पहुंचकर अपनी त्रुटियों को सुधारने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।

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