मुहर्रम पर ग्वालियर में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब, शांतिपूर्वक निकले ताजिए
ग्वालियर: ग्वालियर में मुहर्रम के अवसर पर गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक ताजियों ने ऐतिहासिक महाराज बाड़ा में गश्त की। बाड़े पर रात 10:30 बजे से ही ताजियों का पहुंचना शुरू हो गया था, जहाँ मातमी धुनों के बीच ऊंचे और भव्य ताजिए लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से रात 10 बजे के बाद बाड़े पर बड़े वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद कर दी गई थी। शुक्रवार दोपहर से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के ताजियों को सागरताल स्थित कर्बला में नम आंखों से सुपुर्द-ए-खाक (दफन) और विसर्जित किया जा रहा है। शाम को कर्बला परिसर में प्रशासनिक अधिकारियों और कमेटी की मौजूदगी में शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
पहली बार बिना डीजे (DJ) के निकले ताजिए
प्रशासन की सख्त चेतावनी के बाद इस साल मुहर्रम के जुलूसों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। ग्वालियर की सड़कों पर इस बार पहली बार डीजे (DJ) नजर नहीं आए। ताजियेदारों ने डीजे की जगह ढोल-नगाड़े और ताशे जैसे परंपरागत वाद्ययंत्रों का इस्तेमाल किया। इन पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मातमी धुनों का लोगों ने खूब लुत्फ उठाया। अलग-अलग इमामबाड़ों से उठे ताजियों के महाराज बाड़ा पहुंचने पर अखाड़ेदारों ने हैरतअंगेज प्रदर्शन भी किए। इस बार शंकरपुर, आपागंज, पिछोरो की पहाड़िया और रामाजी के पुरा के ताजिए विशेष रूप से चर्चा में रहे।
ड्रोन और एक हजार जवानों से निगरानी
जुलूस के दौरान शहर का माहौल न बिगड़े, इसके लिए पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। सड़कों पर पुलिस के एक हजार जवानों को तैनात किया गया है, जो किसी भी शरारत पर तुरंत एक्शन लेंगे। इसके साथ ही पूरे रास्ते पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरों और आसमान से ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस कप्तान धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि पुलिस बल पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। थाना प्रभारियों समेत जवान सड़कों पर मुस्तैद हैं जो भीड़ में बदमाशों और जेबकतरों पर भी नजर रख रहे हैं। सोशल मीडिया पर अफवाह या भड़काऊ पोस्ट फैलाने वालों पर कार्रवाई के लिए साइबर सेल की टीम को भी एक्टिव किया गया है।
इन 9 रास्तों पर ट्रैफिक रहेगा डायवर्ट
मुहर्रम और विसर्जन को देखते हुए यातायात पुलिस ने शुक्रवार (26 जून) को शहर के 9 प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया है। एएसपी शियाज केएम ने आम जनता से असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की है:
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चार शहर का नाका से सागरताल: इस तरफ जाने वाले वाहन मल्लगढ़ा से जलालपुर-अटलद्वार होकर निकल सकेंगे।
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बहोड़ापुर से सागरताल/जलालपुर: इस मार्ग पर वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद रहेगी। मुरैना जाने वाले वाहन शिंदे की छावनी, फूलबाग और गोले का मंदिर मार्ग का उपयोग कर सकते हैं।
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अटलद्वार से शिवपुरी: यहाँ जाने वाले वाहन मोतीझील से शंकरपुर और गोल पहाड़िया होकर जा सकेंगे।
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सागरताल से रेलवे क्रॉसिंग/मोतीझील: इस तरफ जाने वाले वाहनों पर पूरा प्रतिबंध रहेगा।
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अटलद्वार से बहोड़ापुर (मोतीझील होकर): सभी वाहन जलालपुर चौराहा और पड़ाव से शिंदे की छावनी होकर जा सकेंगे।
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सिकंदर कंपू से बहोड़ापुर (बाड़ा होकर): वाहन रॉक्सी पुल के नीचे से हुजरात पुल और शिंदे की छावनी से रामदास घाटी मार्ग का इस्तेमाल करेंगे।
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बहोड़ापुर से सिकंदर कंपू (महाराज बाड़ा होकर): यह ट्रैफिक शिंदे की छावनी की तरफ मोड़ा गया है।
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गोल पहाड़िया/गिरवाई मार्ग: यहाँ से वाहन नाका चंद्रवदनी, बेटी बचाओ तिराहा और अचलेश्वर होकर निकल सकेंगे।
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फूलबाग/सिटी सेंटर से गिरवाई: इस ओर जाने वाले वाहन चेतकपुरी और बेटी बचाओ तिराहा से होते हुए वीरपुर बांध की तरफ जा सकेंगे।

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