2935 करोड़ की परियोजना को मिली मंजूरी, इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर का भूमिपूजन हुआ
इंदौर। मध्य प्रदेश की दो प्रमुख धार्मिक और व्यापारिक नगरियों, इंदौर और उज्जैन को आपस में जोड़ने वाली प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क विकास परियोजनाओं में शुमार 'इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर' का शनिवार, 20 जून को विधिवत शिलान्यास संपन्न हो गया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सांवेर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम चंद्रावतीगंज में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान इस महापरियोजना का भूमिपूजन किया। इस ऐतिहासिक और उल्लासपूर्ण अवसर पर विकास को एक नया आयाम देते हुए संपूर्ण मध्य प्रदेश में 'प्रधानमंत्री आवास योजना' के तहत नवनिर्मित 38 हजार से भी अधिक पक्के मकानों का सामूहिक गृह प्रवेश कार्यक्रम भी वर्चुअली संपन्न कराया गया।
इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर से सुगम होगा सफर और बढ़ेगी रफ्तार
यह नई सड़क परियोजना मालवा अंचल के साथ-साथ पूरे मध्य प्रदेश के बुनियादी ढांचे और यातायात सुगमता के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने वाली है। ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के बन जाने से इंदौर और महाकाल की नगरी उज्जैन के बीच की दूरी न केवल कम होगी, बल्कि यात्रा के समय में भी भारी बचत होगी। आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर तैयार होने वाला यह एक्सप्रेस-वे मालवा क्षेत्र में व्यापार, माल ढुलाई और विशेष रूप से धार्मिक पर्यटन को एक अभूतपूर्व गति प्रदान करेगा, जिससे लाखों श्रद्धालुओं और आम राहगीरों को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।
चंद्रावतीगंज में वीवीआईपी आगमन और भव्य भूमिपूजन समारोह
शनिवार की सुबह सांवेर के चंद्रावतीगंज में आयोजित इस हाई-प्रोफाइल शिलान्यास समारोह को लेकर स्थानीय जनता और प्रशासन में जबरदस्त उत्साह देखा गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंत्रोचार के बीच भूमिपूजन की शिला का अनावरण कर इस परियोजना की आधिकारिक शुरुआत की। मंच से जनता को संबोधित करते हुए दोनों नेताओं ने इस कॉरिडोर को डबल इंजन सरकार के विकासवादी दृष्टिकोण का एक बड़ा उदाहरण बताया, जो आने वाले समय में आर्थिक गतिविधियों के लिए एक मुख्य केंद्र के रूप में उभरेगा।
38 हजार से अधिक परिवारों का गृह प्रवेश और पीएम आवास का सपना सच
सड़क परियोजना की इस बड़ी सौगात के साथ ही यह दिन प्रदेश के हजारों गरीब परिवारों के जीवन में भी एक नई रोशनी लेकर आया। कार्यक्रम के दौरान ही मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर राज्य के विभिन्न जिलों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण व शहरी) के अंतर्गत बनकर तैयार हुए 38 हजार से ज्यादा हितग्राहियों को उनके अपने पक्के मकानों की चाबियां सौंपी और गृह प्रवेश कराया। अपने खुद के पक्के आशियाने का सपना पूरा होने पर प्रदेशभर के हजारों लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी और संतोष की लहर देखी गई, जिससे यह पूरा आयोजन विकास उत्सव में तब्दील हो गया।

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