रिलायंस के पूर्व शीर्ष अधिकारी सतीश सेठ की बढ़ीं मुश्किलें, कोर्ट ने भेजा न्यायिक हिरासत में
नई दिल्ली। दिल्ली की द्वारका स्थित एक अदालत ने रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (आरआईएल) के पूर्व समूह प्रबंध निदेशक सतीश सेठ को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्देश जारी किया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई सघन पूछताछ के बाद उन्हें आगामी 2 जुलाई तक जेल में रहना होगा। मनी लॉन्ड्रिंग के इस गंभीर मामले में गिरफ्तार किए गए सेठ को बृहस्पतिवार के दिन अवकाशकालीन न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया गया था।
मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप और ईडी की कार्रवाई
सतीश सेठ पर फर्जी इनवॉइस और बिलों के माध्यम से हीरे के आयात की आड़ में हवाला नेटवर्क का उपयोग करके अवैध रूप से विदेशी मुल्कों में मोटी धनराशि भेजने का संगीन आरोप है। जांच एजेंसी ईडी का दावा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की दो प्रमुख सड़क परियोजनाओं से सरकारी धन का गबन किया गया और इस वित्तीय धोखाधड़ी का मुख्य फायदा उठाने वाली कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ही थी।
राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से जुड़ी धन की हेराफेरी
वित्तीय गबन और अनियमितताओं से जुड़ा यह पूरा मामला मुख्य रूप से दो अलग-अलग राज्यों की सड़क परियोजनाओं से संबंधित है, जिनमें राजस्थान की जयपुर-रिंगस टोल रोड और दक्षिण भारत की त्रिची-करूर टोल रोड परियोजनाएं शामिल हैं। अदालत के पटल पर प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पेश की गई विस्तृत चार्जशीट के मुताबिक, नियमों को ताक पर रखकर आरआईएल द्वारा अवैध चैनलों के जरिए कुल 92 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि विदेशों में हस्तांतरित की गई।
अदालत द्वारा न्यायिक हिरासत और विशेष रियायतें
सुनवाई पूरी होने के बाद माननीय अदालत ने मानवीय आधार पर सतीश सेठ को न्यायिक अभिरक्षा के दौरान अपने पास चश्मा रखने और डॉक्टरों द्वारा लिखे पर्चे के मुताबिक नियमित दवाएं लेने की विशेष अनुमति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया है कि आरोपी की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए जेल नियमावली (जेल मैनुअल) के प्रावधानों के तहत उन्हें उपयुक्त बिस्तर उपलब्ध कराने के संबंध में उचित निर्णय लिया जाए।

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