रक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम: 6 कंपनियों को मिला मल्टी-बिलियन डील कॉन्ट्रैक्ट
वाशिंगटन: पश्चिम एशिया में ईरान के साथ एक ऐतिहासिक 14 सूत्रीय शांति समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर करने के तुरंत बाद, अमेरिका ने अपनी सैन्य और रणनीतिक शक्ति को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी वायुसेना (USAF) ने अपने बेड़े को अत्याधुनिक बनाने के लिए लगभग 1,000 सेमी-ऑटोनॉमस कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (मानवरहित लड़ाकू विमान जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से संचालित होते हैं) तैनात करने की औपचारिक तैयारी शुरू कर दी है।
ये मानवरहित विमान पारंपरिक फाइटर जेट्स (जैसे F-35 या नैक्स्ट जनरेशन विमान) के साथ एक डिजिटल 'कवच' या विंगमैन के रूप में उड़ान भरेंगे। इन्हें आधुनिक एआई तकनीक और 'मिशन ऑटोनॉमी सॉफ्टवेयर' से लैस किया जाएगा, ताकि वे बिना किसी मानवीय चूक के दुनिया के सबसे खतरनाक युद्ध क्षेत्रों में भी जासूसी और सीधे हमलों को अंजाम दे सकें।
जनरल एटॉमिक्स और एंडुरिल को मिले मुख्य कॉन्ट्रैक्ट
अमेरिकी वायुसेना ने इस महत्वाकांक्षी सहयोगी लड़ाकू विमान (Collaborative Combat Aircraft - CCA) प्रोग्राम के पहले चरण के उत्पादन के लिए दो दिग्गज कंपनियों को शॉर्टलिस्ट कर कॉन्ट्रैक्ट सौंपे हैं:
-
जनरल एटॉमिक्स: यह कंपनी FQ-42A लड़ाकू विमान विकसित कर रही है।
-
एंडुरिल (Anduril): यह कंपनी FQ-44A लड़ाकू विमान का निर्माण करेगी।
अमेरिकी वायुसेना के चीफ जनरल केन विल्सबाख ने इस तकनीक की तारीफ करते हुए कहा कि भविष्य के युद्धों में मानव और मशीन की यह डिजिटल साझेदारी बेहद निर्णायक साबित होगी। खास बात यह है कि दोनों ही कंपनियों ने तय समय सीमा से चार महीने पहले ही वायुसेना की कूटनीतिक और तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा कर लिया है।
दिग्गज कंपनियों को मिला ऑटोनॉमी सॉफ्टवेयर का जिम्मा
अमेरिकी वायुसेना इस प्रोजेक्ट को लेकर कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल विमान के ढांचे पर ही नहीं, बल्कि उसके 'दिमाग' यानी मिशन ऑटोनॉमी सॉफ्टवेयर को अचूक बनाने के लिए दुनिया की छह सबसे बड़ी रक्षा और टेक कंपनियों को शामिल किया गया है।
इन कंपनियों में एंडुरिल, जनरल एटॉमिक्स, लॉकहीड मार्टिन, नॉर्थरोप ग्रुम्मन, आरटीएक्स कॉलिन्स एयरोस्पेस और शील्ड एआई शामिल हैं। वायुसेना सचिव ट्रॉय मिंक के अनुसार, इस मल्टी-वेंडर मॉडल (कई कंपनियों को एक साथ काम सौंपना) से सॉफ्टवेयर डिलीवरी की गति तेज होगी और नई तकनीकों को बिना किसी देरी के तुरंत एयरक्राफ्ट में अपडेट किया जा सकेगा।
पारंपरिक रक्षा प्रणालियों से तेज विकास: 15 महीनों में टेस्ट से प्रोडक्शन
इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे हैरान करने वाली बात इसकी रफ्तार है। जनरल एटॉमिक्स के मुताबिक, उनके YFQ-42A प्रोटोटाइप ने अगस्त 2025 में अपनी पहली उड़ान भरी थी और इसके ठीक 15 महीनों के भीतर (यानी 2026 के अंत तक) यह प्रोजेक्ट कड़े परीक्षणों को पार कर उत्पादन (प्रॉडक्शन) चरण तक पहुंच चुका है। इन विमानों को मॉड्यूलर डिजाइन में तैयार किया गया है, यानी जरूरत पड़ने पर युद्ध के मैदान में ही इनके हथियारों और सेंसर को मिशन के हिसाब से बदला जा सकता है।
एंडुरिल के सीईओ ब्रायन शिम्फ ने कहा कि यह प्रोग्राम पारंपरिक सुस्त रक्षा खरीद प्रणाली को तोड़कर आधुनिक और तेज विकास मॉडल का एक नया वैश्विक उदाहरण पेश करता है। अमेरिकी वायुसेना का प्रारंभिक लक्ष्य इस दशक के अंत तक (2030 तक) 150 से अधिक कॉम्बैट-रेडी (युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार) विमानों को तैनात करना है, जिसे आगे चलकर बढ़ाकर 1,000 किया जाएगा।

छात्र आंदोलन पर सियासत तेज, राहुल बोले- PM मोदी माफी मांगें, अमित शाह जिम्मेदार
शरद पवार का खुलासा: PM से हुई चर्चा के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की कहानी में आया मोड़
नौकरी के नाम पर बना बंधक, युवकों की दर्दभरी कहानी सुन पुलिस भी रह गई हैरान
'यहां इस्तीफे नहीं होते'... लेकिन 12 साल में बदलते रहे मंत्री, जानिए पूरी कहानी
सीरिया में बड़ा सड़क हादसा, बस पलटने से 35 लोगों की गई जान
एक साथ 10 इस्तीफे, रालोद में उठे असंतोष के सुर, राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
'धोखेबाज भतीजे' पर CM शुभेंदु का करारा प्रहार, सेबाश्रय शिविर घोटाले में दी चेतावनी
धर्मेंद्र प्रधान विवाद के बीच मायावती का बड़ा कमेंट, पार्टी कैडर को किया सतर्क