राहुल गांधी की याचिका पर फिलहाल राहत नहीं, अगली सुनवाई का इंतजार
जबलपुर: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से दायर एक याचिका पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। यह याचिका उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान द्वारा दर्ज कराए गए मानहानि मामले में भोपाल की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट से जारी समन को चुनौती देते हुए लगाई है। हाई कोर्ट के जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकल पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिकाकर्ता पक्ष को अधीनस्थ न्यायालय की ऑर्डर शीट और संबंधित रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने आवश्यक दस्तावेज पेश करने के लिए समय देते हुए अगली सुनवाई की तारीख 23 जून 2026 तय की है।
झाबुआ की चुनावी रैली से जुड़ा है पूरा मामला
यह पूरा कानूनी विवाद साल 2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के समय का है। झाबुआ में आयोजित एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कथित तौर पर वैश्विक पनामा पेपर्स लीक घोटाले का जिक्र किया था। कार्तिकेय सिंह चौहान का आरोप है कि भाषण के दौरान राहुल गांधी ने इस घोटाले से जोड़ते हुए उनका नाम लिया था। इसे अपनी सामाजिक और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश बताते हुए कार्तिकेय चौहान ने भोपाल की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का एक आपराधिक परिवाद (शिकायत) दायर किया था।
समन निरस्त कराने हाई कोर्ट पहुंचे राहुल गांधी
कार्तिकेय चौहान द्वारा दायर इस परिवाद पर संज्ञान लेते हुए भोपाल की विशेष अदालत के मजिस्ट्रेट ने राहुल गांधी को कोर्ट में पेश होने के लिए समन जारी किया था। इसी समन और पूरे मानहानि केस को पूरी तरह निरस्त (क्वैश) कराने की मांग को लेकर राहुल गांधी के वकीलों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष ने दलील दी कि याचिकाकर्ता द्वारा अभी तक निचली अदालत की ऑर्डर शीट और जरूरी कानूनी दस्तावेज रिकॉर्ड पर नहीं लाए गए हैं, जिसके बाद हाई कोर्ट ने राहुल गांधी के पक्ष को ये तमाम दस्तावेज जमा करने की मोहलत देते हुए मामले को 23 जून के लिए सूचीबद्ध कर दिया।

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