इंदौर, आशीष नेमा विधिज्ञ द्वारा आयोजित 11वाँ विधिज्ञ एक्सीलेंस कॉन्क्लेव 2026 आज इंदौर के लाभ मंडपम में भव्य एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। शिक्षा, न्यायपालिका, प्रशासन, विधि एवं सार्वजनिक जीवन से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया। दिनभर चले इस आयोजन में विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम विभाग के माननीय मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल रहे। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा को केवल करियर का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व निभाने का साधन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन एवं सामाजिक चेतना के महत्व पर भी विशेष बल दिया।

इस अवसर पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व प्रधान रजिस्ट्रार, पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश, लोकायुक्त संगठन के पूर्व विधिक सलाहकार एवं नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के पूर्व न्यायिक सदस्य आदरणीय श्री तारकेश्वर सिंह जी, सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, पूर्व कलेक्टर धार एवं विदिशा, पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी इंदौर विकास प्राधिकरण तथा पूर्व संभागायुक्त आदरणीय श्री सी. बी. सिंह जी, राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय (एनएलआईयू), भोपाल के प्राध्यापक प्रो. डॉ. रंजन कुमार राय जी तथा उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता-ऑन-रिकॉर्ड एवं मध्यप्रदेश शासन के स्टैंडिंग काउंसिल एडवोकेट श्री यशराज सिंह बुंदेला जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का नेतृत्व एवं आयोजन विधिज्ञ के संस्थापक श्री बाहुल शास्त्री, श्रीमती कृति शास्त्री एवं श्री सामीप मोहन द्वारा किया गया। अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्होंने शिक्षा, मार्गदर्शन और उत्कृष्टता के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने की विधिज्ञ की प्रतिबद्धता को दोहराया।

इंदौर से प्रारम्भ हुई विधिज्ञ की यात्रा आज 5 राज्यों में 9 केन्द्रों तक पहुँच चुकी है। CLAT, CUET, IPMAT, Judiciary एवं अन्य प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के क्षेत्र में विधिज्ञ ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है।

संस्थान ने CLAT परीक्षा में लगातार उल्लेखनीय सफलताएँ अर्जित की हैं। रिद्धि अग्रवाल द्वारा प्राप्त AIR 6 मध्यप्रदेश से पिछले सात वर्षों में प्राप्त सर्वोच्च CLAT रैंक रही है। इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए CLAT 2026 में विधिज्ञ के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसमें पार्थ जेधे (AIR 11), शौर्य शड्डेओ (AIR 22), मुस्तफा खान (AIR 55), उत्प्रभ गौतम (AIR 199) सहित अनेक विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार रैंक प्राप्त कर संस्थान का नाम गौरवान्वित किया।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण टॉपर टॉक्स रहा, जिसमें सफल विद्यार्थियों ने अपनी तैयारी की रणनीति, अध्ययन पद्धति और सफलता के अनुभव साझा किए। इन सत्रों ने उपस्थित विद्यार्थियों को प्रेरणा एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।

कॉन्क्लेव के दौरान कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। साथ ही, विद्यार्थियों द्वारा नामित शिक्षकों को ‘गुरुजन सम्मान’ प्रदान कर उनके समर्पण एवं योगदान को नमन किया गया।

इस अवसर पर एनएलएसआईयू, बेंगलुरु के पूर्व छात्र एवं UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफल अक्षत बालदवा ने अपनी प्रेरणादायी सफलता यात्रा साझा की। वहीं नालसर विश्वविद्यालय, हैदराबाद के अंतिम वर्ष के विधि छात्र हर्ष गौर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा संरक्षण एवं विधि-प्रौद्योगिकी के बदलते परिदृश्य पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम में विधिज्ञ के CLAT एवं IPMAT चयनित विद्यार्थियों, शिक्षकों, शिक्षा जगत से जुड़े विशिष्ट व्यक्तित्वों, मार्गदर्शकों एवं समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले गणमान्य नागरिकों का भी सम्मान किया गया।

कॉन्क्लेव की एक विशेष उपलब्धि पर्यावरण संरक्षण संकल्प रही, जिसका नेतृत्व माननीय श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन एवं वृक्षारोपण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, प्रेरणादायी संवादों, जनरल नॉलेज क्विज़ एवं प्रतिभा प्रदर्शन कार्यक्रमों से परिपूर्ण यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, प्रेरणा और उत्साह का अनूठा संगम सिद्ध हुआ।

कार्यक्रम के अंत में श्री बाहुल शास्त्री ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विधिज्ञ का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम देना नहीं, बल्कि ऐसे उत्तरदायी, संवेदनशील और नेतृत्वक्षम नागरिक तैयार करना है जो समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान दे सकें।

विधिज्ञ एक्सीलेंस कॉन्क्लेव 2026 ने एक बार पुनः यह सिद्ध किया कि उत्कृष्टता केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि प्रेरणा, मार्गदर्शन, संस्कार और राष्ट्रनिर्माण की सामूहिक यात्रा है।