गिलगित-बाल्टिस्तान चुनाव पर भारत ने पाकिस्तान को दिखा दी आंख
नई दिल्ली। गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव कराने की पाकिस्तान की योजना को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच फिर तनाव बढ़ गया है। भारत द्वारा क्षेत्र में प्रस्तावित चुनावों का कड़ा विरोध करने के बाद पाकिस्तान ने भारतीय आपत्तियों को खारिज कर जवाबी बयान जारी किया है। इस घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने भारत की टिप्पणियों को निराधार बताकर कहा कि गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव कराना पाकिस्तान का आंतरिक मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत इस मुद्दे पर तथ्यों को तोड़-मरोड़ दिखा रहा है। साथ ही पाकिस्तान ने फिर कश्मीर मुद्दे को उठाकर कहा कि इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुरूप होना चाहिए।
पाकिस्तानी पक्ष ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के भारत सरकार के फैसले का उल्लेख कर निर्णय को वापस लेने की मांग उठा दी। पाकिस्तान ने कश्मीर में मानवाधिकारों को लेकर भी अपनी पुरानी चिंताओं को दोहराया।
वहीं भारत ने गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव कराने की योजना पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है। भारत का स्पष्ट रुख है कि गिलगित-बाल्टिस्तान, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का अभिन्न हिस्सा है तथा इस क्षेत्र पर पाकिस्तान का कब्जा अवैध है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को इसतरह के किसी भी कदम से बचना चाहिए जो इस क्षेत्र की स्थिति को बदलने का प्रयास करता हो।
गिलगित-बाल्टिस्तान में विधानसभा की 33 सीटों के लिए चुनाव आयोजित किए जा रहे हैं। पाकिस्तान की प्रमुख राजनीतिक पार्टियां भी इस चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा ले रही हैं और क्षेत्र में प्रचार अभियान चला रही हैं। हालांकि भारत का कहना है कि पाकिस्तान को उस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की राजनीतिक या प्रशासनिक गतिविधि संचालित करने का अधिकार नहीं है।
भारत लगातार कहता रहा हैं कि वर्ष 1947 में जम्मू-कश्मीर के भारत में विधिवत विलय के बाद पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न अंग बन गया था। इसके बाद गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव कराने की पाकिस्तान की कोशिशों को भारत अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ मानता है। इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच मतभेद फिलहाल और गहराते नजर आ रहे हैं।

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