राजनैतिक रार में राबड़ी देवी का कड़ा रुख, सरकारी सुरक्षा लेने से किया साफ इनकार
पटना | बिहार की राजनीति में इन दिनों पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा व्यवस्था में हुए बदलावों को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। सुरक्षा में की गई इस कटौती के बाद राबड़ी देवी और सरकार के बीच तल्खी काफी बढ़ गई है, जिसके चलते राबड़ी देवी ने शनिवार को अपने 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास पर तैनात सभी सुरक्षाकर्मियों को वापस भेज दिया।
आवास के बाहर पसरा सन्नाटा
शनिवार सुबह से ही राबड़ी देवी के सरकारी आवास के बाहर का नजारा पूरी तरह बदला हुआ था। मुख्य द्वार पर कोई भी सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं था और पूरे परिसर में सन्नाटा छाया रहा। इस बीच, सुरक्षा हटाने के इस फैसले को लेकर राजद ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
राजद ने सरकार पर साधा निशाना
पार्टी के प्रवक्ता ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने स्वेच्छा से सरकारी सुरक्षा वापस की है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार ने ऊंचे राजनीतिक निर्देशों पर इस परिवार की सुरक्षा में भारी कटौती की है, जिसका मकसद केवल उन्हें नीचा दिखाना है। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि कभी सरकारी आवास खाली करने का दबाव बनाया जाता है तो कभी सुरक्षा कम कर दी जाती है, जो विपक्ष को कमजोर करने की एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी के अन्य नेता भी जल्द ही अपनी सुरक्षा छोड़ सकते हैं।
सुरक्षा श्रेणी में किया गया बदलाव
दरअसल, बिहार सरकार ने राज्य सुरक्षा समिति की समीक्षा के बाद लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को दी गई जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा को समाप्त कर दिया है। अब इसकी जगह उन्हें विशेष सुरक्षा दल (एसएसजी) के घेरे में रखने का फैसला किया गया है। नई व्यवस्था के तहत पूर्व मुख्यमंत्री को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस के सिपाही, सादे कपड़ों में महिला गार्ड, वर्दीधारी अंगरक्षक, बुलेटप्रूफ गाड़ी और पायलट-एस्कॉर्ट वाहन मुहैया कराए जाने की बात कही गई है।

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