सेवानिवृत्ति के बाद आराम नहीं, बल्कि खेती में नई पहचान बनाने का सपना’
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में छत्तीसगढ़ शासन किसानों को सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कृषि को अधिक लाभकारी एवं आधुनिक बनाने के उद्देश्य से किसानों को समय पर खाद-बीज, उन्नत कृषि आदान तथा नवीन तकनीकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। शासन की इस किसान हितैषी नीतियों और योजनाओं के प्रभाव से कोरबा जिले के किसान आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाते हुए उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ खेती की लागत कम करने में भी सफल हो रहे हैं।
कोरबा जिले के ग्राम छुरीकला निवासी भागबली देवांगन एक मेहनती और प्रगतिशील किसान हैं, जिन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद भी सक्रिय जीवन को अपनाते हुए खेती को अपनी प्राथमिकता बनाया है। उनका मानना है कि किसान कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, बल्कि अपने अनुभव और परिश्रम से खेती को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करता है। इसी सोच के साथ वे आज भी पूरी लगन और समर्पण के साथ कृषि कार्यों में जुटे हुए हैं।
देवांगन लगभग साढ़े तीन एकड़ कृषि भूमि में मुख्य रूप से धान की खेती करते हैं। वर्षों से खेती से जुड़े होने के कारण वे समय के साथ कृषि में आ रहे बदलावों को अपनाने के पक्षधर रहे हैं। उन्होंने बताया कि खेती में अच्छे उत्पादन के लिए केवल मेहनत ही नहीं, बल्कि सही समय पर सही तकनीक और उर्वरकों का उपयोग भी आवश्यक है। इसी सोच के तहत पिछले दो वर्षों से वे अपनी फसलों में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया का उपयोग कर रहे हैं।
उनके अनुसार नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसल की बढ़वार बेहतर हुई है तथा पौधों का विकास अधिक संतुलित रूप से हुआ है। इसके साथ ही उत्पादन में भी सकारात्मक वृद्धि देखने को मिली है। उन्होंने बताया कि पहले जहां पारंपरिक उर्वरकों पर अधिक खर्च करना पड़ता था, वहीं नैनो उर्वरकों के उपयोग से लागत में कमी आई है, जिससे खेती अधिक लाभकारी बनी है।
उन्होंने कहा कि शासन द्वारा किसानों को समय पर खाद-बीज एवं कृषि आदान उपलब्ध कराए जाने से खेती की तैयारियां आसान हुई हैं। वे मानते हैं कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

CJP प्रोटेस्ट विवाद: सरकार ने कहा- संवाद के रास्ते खुले, 4 बार भेजा बातचीत का न्योता
हापुड़ में 6 साल की बच्ची से कथित दुष्कर्म प्रयास, पुलिस ने दर्ज किया केस
शिक्षा पर कितना निवेश, कितना बदलाव? मोदी सरकार के 12 साल का डेटा आया सामने
झाबुआ रेल विवाद: 6 घंटे इंतजार के बाद यात्रियों ने रोका ट्रैक, बोले- लोकल को दी जा रही प्राथमिकता
अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन की सजा पर अब अगली तारीख, कोर्ट में क्यों टला फैसला?
'युवा सीधे संवाद चाहते हैं', विक्रमादित्य सिंह ने PM मोदी को दिया सुझाव
₹35 हजार का जुर्माना और 1000 लोगों को भोज, छत्तीसगढ़ से सामने आया चौंकाने वाला मामला
आलिया भट्ट, माधवन समेत कई सेलेब्स आए छात्रों के समर्थन में, सोशल मीडिया पर रखी राय