सजा के बाद अस्पताल में भर्ती हुए डॉ. केके जैन, डॉक्टरों की निगरानी में इलाज
वाराणसी: साल 1997 के एक चर्चित पुलिस हिरासत में मौत (कस्टोडियल डेथ) के मामले में सोमवार को जेल भेजे गए वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके जैन की बुधवार को अचानक जेल में तबीयत खराब हो गई। जेल प्रशासन द्वारा प्राथमिक उपचार दिए जाने के बाद उन्हें कड़े पुलिस पहरे में मंडलीय अस्पताल (कबीरचौरा) लाया गया। यहाँ इमरजेंसी वार्ड में शुरुआती इलाज के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बीएचयू (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल बीएचयू के हृदय रोग विभाग (कार्डियोलॉजी) में उनका इलाज चल रहा है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला करीब 29 साल पुराना है। मंडलीय अस्पताल, कबीरचौरा में तैनात रहे बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके जैन ने साल 1997 में पुलिस कस्टडी में हुई एक व्यक्ति की मौत के बाद उसका पोस्टमार्टम किया था। उस वक्त मृतक के परिजनों ने डॉ. जैन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को संदिग्ध बताते हुए उस पर गंभीर सवाल उठाए थे और शासन स्तर पर दोबारा जांच कराने की मांग की थी। बाद में जब इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हुई, तो नई रिपोर्ट डॉ. जैन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बिल्कुल अलग पाई गई।
इसी मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने तत्कालीन दो दरोगाओं को 10-10 साल और गलत पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने के दोषी डॉ. केके जैन को 5 साल की जेल की सजा सुनाई थी। सोमवार को सजा काटने जेल पहुंचे डॉ. जैन को बुधवार को अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत होने लगी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।
डॉक्टरों ने क्या कहा?
कबीरचौरा अस्पताल की इमरजेंसी में डॉ. जैन का प्राथमिक उपचार करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि वह पहले से ही कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, डॉ. जैन को प्रोस्टेट कैंसर है और उनके दिल में पहले से स्टेंट भी डाला जा चुका है। सीने में दर्द की शिकायत और उनकी पुरानी मेडिकल हिस्ट्री को देखते हुए ही उन्हें बेहतर और विशेषज्ञ इलाज के लिए तुरंत बीएचयू अस्पताल रेफर किया गया है।

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