जानिए सेक्शन 301 क्या है और कैसे US बना रहा 60 देशों की टैरिफ लिस्ट
वाशिंगटन:अमेरिका भारत समेत दुनिया के करीब 60 देशों के खिलाफ कड़े व्यापारिक कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने इशारा किया है कि 1974 के अमेरिकी व्यापार कानून की 'धारा 301' के तहत चल रही जांच के नतीजे अगले कुछ हफ्तों में आ सकते हैं। इस जांच के दायरे में भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया सहित 70 से ज्यादा देशों की व्यापारिक नीतियां शामिल हैं। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीयर का कहना है कि अगर जांच में गलत व्यापारिक तौर-तरीके, जरूरत से ज्यादा उत्पादन या जबरन मजदूरी (जबरन श्रम) कराने जैसी बातें सच साबित होती हैं, तो अमेरिका इन देशों के सामान पर अतिरिक्त टैक्स (टैरिफ) या अन्य कारोबारी पाबंदियां लगा सकता है।
क्या है धारा 301 और क्यों हो रही जांच?
धारा 301 अमेरिका का एक ऐसा कानून है जो उनकी सरकार को यह अधिकार देता है कि अगर कोई देश अमेरिकी व्यापार को नुकसान पहुंचाता है या गलत नीतियां अपनाता है, तो उसके खिलाफ जवाबी कार्रवाई की जाए। अमेरिकी जांच एजेंसी का मानना है कि इन 60 देशों की नीतियां अमेरिकी कारोबार में अड़चनें पैदा कर रही हैं। अमेरिका की यह संघीय एजेंसी ही देश की विदेश व्यापार नीति तय करने और ऐसी जांच करने के लिए जिम्मेदार है। अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक पुराने टैक्स नियम को रद्द किए जाने के बाद, ट्रंप प्रशासन इसी धारा 301 का सहारा लेकर अलग-अलग देशों पर नए टैक्स लगाने की तैयारी में है।
भारत समेत कई देशों पर लगे आरोप
अमेरिकी बयान के अनुसार, भारत सहित 54 देश ऐसे सामानों के एक्सपोर्ट को रोकने में नाकाम रहे हैं, जिन्हें बनाने में जबरन मजदूरी कराने का शक है। इस लिस्ट में भारत के साथ-साथ बांग्लादेश, चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, सऊदी अरब, सिंगापुर और यूएई जैसे बड़े देश भी शामिल हैं। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उनका मुख्य मकसद अमेरिकी फैक्ट्रियों को मजबूत करना और उत्पादन के काम को वापस अमेरिका लाना है। उनका मानना है कि दुनिया भर में चल रहे गलत व्यापारिक तौर-तरीकों और बढ़ते व्यापार घाटे की वजह से ही अमेरिका को यह सख्त कदम उठाना पड़ रहा है। इस जांच रिपोर्ट के आने के बाद भारत के निर्यात पर भी बड़ा असर देखने को मिल सकता है।

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