खाते में नहीं आए पैसे? लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त से पहले ऐसे एक्टिव करें अपना DBT
भोपाल | मध्य प्रदेश सरकार की अत्यधिक महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना' प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन का एक बड़ा आधार बन चुकी है। राज्य की लगभग सवा करोड़ महिलाओं को हर महीने इस योजना की अगली किस्त का बेसब्री से इंतजार रहता है। इस कल्याणकारी योजना के अंतर्गत सरकार पात्र हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह पंद्रह सौ रुपये की आर्थिक सहायता राशि सीधे ट्रांसफर करती है। अब तक राज्य सरकार द्वारा सफलापूर्वक छत्तीस किस्तें महिलाओं के खातों में भेजी जा चुकी हैं और जून दो हजार छब्बीस में योजना की सैंतीसवीं किस्त जारी की जाने वाली है।
मई महीने में जारी हुई छत्तीसवीं किस्त, सवा करोड़ से अधिक महिलाओं को मिला लाभ
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बीती तेरह मई दो हजार छब्बीस को नरसिंहपुर जिले के मुंगवानी में आयोजित एक भव्य जिला स्तरीय कार्यक्रम के दौरान लाडली बहना योजना की छत्तीसवीं किस्त सिंगल क्लिक के माध्यम से जारी की थी। इस दौरान मध्य प्रदेश की एक करोड़ पच्चीस लाख पांच सौ बयालीस (1,25,00,542) लाडली बहनों के बैंक खातों में कुल एक हजार आठ सौ पैंतीस करोड़ रुपये की राशि सीधे अंतरित की गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया था कि यह योजना केवल एक वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं के सामाजिक सम्मान, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण को मजबूत करने का एक बड़ा माध्यम है।
जून में इस अवधि के दौरान आ सकती है सैंतीसवीं किस्त, तारीखों को लेकर कयास तेज
योजना के नियमों और पिछले कुछ महीनों के रिकॉर्ड को देखें तो लाडली बहना योजना की राशि आमतौर पर हर महीने की दस से बीस तारीख के बीच महिलाओं के खातों में जमा की जाती है। सूत्रों और जानकारों का मानना है कि जून दो हजार छब्बीस की सैंतीसवीं किस्त भी इन्हीं निर्धारित तारीखों के बीच किसी भी दिन जारी की जा सकती है। हालांकि, जून महीने की निश्चित तारीख को लेकर अभी तक राज्य सरकार या महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा या तिथि तय नहीं की गई है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
बैंक खातों में अटकी राशि पाने के लिए ऐसे सक्रिय करें अपना डीबीटी (DBT) मोड
योजना की राशि सीधे लाभ हस्तांतरण यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के माध्यम से भेजी जाती है। कई बार महिलाओं का आधार कार्ड तो बैंक खाते से जुड़ा होता है, लेकिन डीबीटी मोड बंद होने के कारण पैसे खाते में नहीं आ पाते। इसे चालू करने के दो आसान तरीके हैं:
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ऑफलाइन माध्यम (बैंक शाखा जाकर): इसके लिए हितग्राही महिला को अपनी संबंधित बैंक शाखा में जाकर 'आधार सीडिंग फॉर्म' भरना होगा। फॉर्म के साथ पासबुक और आधार की फोटोकॉपी संलग्न कर जमा करनी होगी। बैंक कर्मचारी द्वारा इसे अपडेट करने के चौबीस से अड़तालीस घंटों के भीतर डीबीटी सक्रिय हो जाता है।
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ऑनलाइन माध्यम (पोर्टल के जरिए): इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां 'कस्टमर' विकल्प के अंतर्गत 'भारत आधार सीडिंग इनेबलर (BASE)' पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आधार नंबर, बैंक का नाम और अकाउंट नंबर दर्ज कर कैप्चा कोड डालना होगा। अंत में मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) को दर्ज कर डीबीटी एक्टिवेशन के विकल्प को चुनकर प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

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