फिर आया सुप्रील लीडर मोजतबा खामेनेई का संदेश, ईराक के लोगों का किया शुक्रिया
तेहरान। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का एक मैसेज सामने आया है, लेकिन हमेशा की तरह, इस बार भी न तो उनकी कोई तस्वीर दिखी, न कोई वीडियो सामने आया और न ही उनकी आवाज सुनाई दी। बस एक कागज का टुकड़ा, जिसे उनका संदेश बताकर दुनिया के सामने पेश किया गया। इससे पहले भी जब उनका मैसेज आया था, तब भी ऐसे ही कागज का टुकड़ा देखने को मिला था। आखिर ईरान के सुप्रीम लीडर किसे शुक्रिया कह रहे हैं, उनकी सेहत पर किस तरह की चर्चा है?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मोजतबा खामेनेई ने ताजा मैसेज में इराक के धार्मिक नेताओं और वहां की जनता को धन्यवाद दिया है। मोजतबा ने इराक के लोगों को ईरान के खिलाफ हो रही आक्रामकता पर उनके स्पष्ट और मजबूत स्टैंड के लिए शुक्रिया कहा, लेकिन यह संदेश सीधे तौर पर नहीं दिया गया। ईरानी मीडिया के मुताबिक बगदाद में इराक की ‘सुप्रीम इस्लामिक असेंबली’ के स्पीकर और ईरानी राजदूत के बीच एक बंद कमरे में गुपचुप मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान यह ‘संदेश’ एक इराकी अधिकारी के हाथ में दिया गया।
मोजतबा खामेनेई हैं कहां और उनकी हालत क्या है? उनके जिंदा होने या पूरी तरह स्वस्थ होने पर दुनिया भर की खुफिया एजेंसियों को भारी शक है। 28 फरवरी को जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर पहली बार भीषण एयरस्ट्राइक की थी, तो उसी दिन मोजतबा के पिता और तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे। हैरान करने वाली बात यह है कि एक महीना बीत जाने के बाद भी अयातुल्लाह अली खामेनेई को अब तक दफनाया नहीं गया है। इस रहस्यमयी खामोशी पर ट्रंप ने कुछ दिनों पहले कहा था कि मोजतबा खामेनेई या तो मर चुका है, या फिर उसकी हालत बहुत ज्यादा खराब है, क्योंकि किसी ने भी उसकी कोई खबर नहीं सुनी है।
इजराइल ने बहुत पहले ही कसम खा ली थी कि मोजतबा सत्ता संभाले या न संभाले, वह इजरायली हिट-लिस्ट में सबसे ऊपर है। इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद और अमेरिकी ड्रोन्स आसमान में गिद्ध की तरह मोजतबा की एक झलक का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिका के विदेश विभाग ने ईरान के 10 बड़े नेताओं के सिर पर 10-10 मिलियन डॉलर का इनाम रखा है। इस लिस्ट में मोजतबा खामेनेई भी शामिल है। अगर मोजतबा अपनी बंकर से बाहर निकले, तो उन्हें पता है कि आसमान से अगली मिसाइल सीधे उनके सिर पर गिरेगी।
बता दें मार्च की शुरुआत में जब मोजतबा को आनन-फानन में ईरान का तीसरा सुप्रीम लीडर घोषित किया गया था, तब से लेकर आज तक सिर्फ उनके नाम से लिखे हुए ‘कागज के टुकड़े’ ही बाहर आ रहे हैं। इससे पहले भी उनके नाम से कई लिखित संदेश जारी किए जा चुके हैं, जिनमें सेना का हौसला बढ़ाने और इजराइल-अमेरिका को बर्बाद करने की बातें लिखी थीं, लेकिन राष्ट्रीय टेलीविजन पर उनका चेहरा एक बार भी नहीं दिखाया गया।

सुनेत्रा पवार का बयान: अजित पवार के विकास एजेंडे को आगे ले जाएंगे, बारामती में मुकाबला तेज
रहाणे के बयान पर सहवाग ने जताई नाराजगी, कहा टीम भावना को समझो
कॉपी चेक करते वक्त छात्र का फनी नोट पढ़कर टीचर्स हक्के-बक्के
युवा खिलाड़ी का IPL डेब्यू फैंस के लिए रोमांचक होगा
ASF मनुष्यों के लिए खतरनाक नहीं, लेकिन पशु उद्योग के लिए बड़ा खतरा
डिजिटल संकट का डर! क्या अब नए 100, 200 और 500 रुपये के नोट बनेंगे सहारा?
IPL में आज दिखेगा असली क्लैश, फैंस की नजरें इस मुकाबले पर
शेयर बाजार टूटा तो सोने ने पकड़ी रफ्तार, आज के ताजा रेट देखें
कोलकाता पर हमले की धमकी पर भारत का पलटवार, Rajnath Singh बोले—‘परिणाम भुगतने होंगे’
राज्यसभा सीट और पार्टी बदलाव: राघव चड्ढा को लेकर बढ़ी सियासी अटकलें