स्वास्थ्य विभाग की टीम कर रही पंडवानी गायिका तीजन बाई पर सतर्क निगरानी
छत्तीसगढ़। की प्रसिद्ध पंडवानी कलाकार और पद्म विभूषण से सम्मानित तीजन बाई इन दिनों अस्वस्थ चल रही हैं. दुर्ग जिले के ग्राम गनियारी स्थित अपने पैतृक निवास में 78 वर्षीय तीजन बाई फिलहाल बेडरेस्ट पर हैं. उनकी सेहत को लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए है. शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनके गृहग्राम पहुंचकर नियमित स्वास्थ्य जांच की।
तीजन बाई की स्थिति पहले से बेहतर
जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि उनका ब्लड प्रेशर सामान्य से कुछ कम है और खानपान में कमी के कारण शारीरिक कमजोरी भी महसूस हो रही है. चिकित्सकों ने उनके परिजनों को आहार की मात्रा बढ़ाने और नियमित देखभाल करने की सलाह दी है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फिलहाल उनकी स्थिति पहले से बेहतर बताई जा रही है. डॉक्टरों ने एहतियात के तौर पर उन्हें रायपुर स्थित एम्स में मेडिसिन विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ और न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ से विस्तृत जांच कराने की सलाह दी है. जांच के दौरान उनका फिजियोथेरेपी भी कराया गया ताकि शारीरिक कमजोरी को कम किया जा सके।
2024 में आया था पैरालाइसिस अटैक
भिलाई-3 स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. शिखर अग्रवाल ने बताया कि हर दो महीने में एम्स में तीजन बाई की नियमित जांच होती है. उनकी पिछली जांच 5 फरवरी को हुई थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैल रही है कि तीजन बाई को अस्पताल में भर्ती किया गया है और उनकी स्थिति गंभीर है, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है. स्वास्थ्य विभाग की टीम रोजाना उनकी निगरानी कर रही है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर है, आपको बता दें कि वर्ष 2024 में तीजन बाई को पैरालिसिस का अटैक आया था. वहीं नवंबर 2025 में तबीयत बिगड़ने पर जिला प्रशासन की पहल पर उन्हें एम्स रायपुर में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया था।
मशहूर पंडवानी गायिका हैं तीजन बाई
- तीजन बाई छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला पंडवानी की सबसे प्रमुख कलाकारों में गिनी जाती हैं।
- अपनी दमदार आवाज और अनूठी प्रस्तुति शैली के कारण उन्होंने इस लोककला को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाई है।
- कपालिक शैली की अग्रणी गायिका के रूप में वे अब तक लगभग 17 देशों में प्रस्तुति दे चुकी हैं।
- कला के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से नवाजा जा चुका है।

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