3 मार्च को साल का पहला चंद्रग्रहण: जानिए क्या होगा 12 राशियों पर प्रभाव
ज्योतिषाचार्य पंडित प्रशांत चतुर्वेदी ने बताया की ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण का बहुत विशेष महत्व होता है। 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है जो की भारत में भी दृश्य होगा
चंद्र ग्रहण का समय
भारतीय समय के अनुसार चंद्र ग्रहण 3 मार्च को दोपहर 3:19 मिनट पर शुरू हो जाएगा एवम यह ग्रहण शाम 6 बजकर 47 मिनट तक चलेगा ग्रहण की अवधि 3 घंटे 27 मिनट की होगी। ऐसे में 9 घंटे पहले यानी सुबह 6:20 से सूतक काल आरंभ हो जाएगा, यह ग्रहण सूर्य की राशि सिंह और शुक्र के नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी में होने जा रहा है जिसका काफी ज्योतिषीय महत्व होता है।
ग्रहण का 12 राशियों पर प्रभाव
मेष राशि- मेष राशि के जातकों के लिए ग्रहण मिश्रित फलकारक रहेगा, चिंता एवं शारीरिक कष्ट में वृद्धि होगी। भगवान सूर्य नारायण की आराधना करें एवं आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। वृषभ राशि- वृषभ राशि के जातकों के लिए भी यह ग्रहण मानसिक अशांति एवम कष्ट कारक रहेगा धैर्य एवं संयम से काम ले वाद विवाद से दूर रहें। लक्ष्मी नारायण भगवान की आराधना करें, विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ करें।
मिथुन राशि- मिथुन राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण सुखद एवं लाभकारक रहेगा, आगामी आने वाले समय में बड़े लाभ की प्राप्ति होगी। गणेश जी की आराधना करें, गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।
कर्क राशि- कर्क राशि वाले जातकों के लिए यह ग्रहण आर्थिक हानि एवं मानसिक तनाव दे सकता है। व्यर्थ के वाद विवाद से बचें, संयम से काम करें। भगवान महादेव की आराधना करें, शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करें।
सिंह राशि- सिंह राशि वाले जातकों को सबसे अधिक सावधान रहने की आवश्यकता है क्योंकि यह ग्रहण सिंह राशि में ही लग रहा है। इस कारण से सिंह राशि के जातकों के लिए शारीरिक कष्ट एवं मानसिक चिंता में वृद्धि करेगा, सूर्य देव की आराधना करें,आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
कन्या राशि- कन्या राशि के जातकों के लिए भी इस ग्रहण का प्रभाव ज्यादा शुभ नहीं है, खर्चों में वृद्धि होगी एवं मानसिक तनाव बनेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें, जल्दबाजी में कोई भी निर्णय न करें, मां भगवती दुर्गा जी की आराधना करें, दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
तुला राशि- तुला राशि के जातकों के लिए भी यह ग्रहण आर्थिक रूप से लाभकारी एवं सुखद रहेगा। लेकिन मानसिक चिंता बनी रहेगी, भगवान गणेश जी की आराधना करें, गणेश जी पर दूर्वा अर्पित करें।
वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि के जातकों के लिए ग्रहण का प्रभाव शुभ रहेगा कार्य क्षेत्र में वृद्धि होगी, मान सम्मान में वृद्धि होगी। बात विवाद से बचें, संयम से काम करें, भगवान शिव जी की आराधना करें, शिव चालीसा का पाठ करें।
धनु राशि- धनु राशि के जातकों को मानसिक चिंता का सामना करना पड़ेगा, आर्थिक हानि हो सकती है, बड़े निर्णय लेने से बचें। भगवान भोलेनाथ शिव जी की आराधना करें, शिव चालीसा का पाठ करें, शिव जी पर बेलपत्र अर्पित करें।
मकर राशि- मकर राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण ज्यादा शुभ नहीं है, मानसिक चिंता एवं शारीरिक कष्ट में वृद्धि होगी। कोई भी बड़ा निर्णय लेने से बचें। भगवान शिव जी की आराधना करें,शिवजी पर बेलपत्र चढ़ाएं, रुद्राष्टकम का पाठ करें।
कुंभ राशि- कुंभ राशि के जातकों को मानसिक एवं पारिवारिक कलह क्लेश का सामना करना पड़ सकता है। अतः मित्रों और परिवार के साथ तालमेल बनाए रखें, भविष्य की योजनाएं सोच समझ कर बनाएं। मां भगवती दुर्गा जी की आराधना करें, दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
मीन राशि- मीन राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण सुखद एवं फलदाई रहेगा, आर्थिक उन्नति के योग बनेंगे। लेकिन मानसिक चिंता बनी रहेगी,शरीर के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। भगवान गणेश जी की आराधना करें एवं गणेश जी पर दूर्वा अर्पित करें।
ग्रहण काल में सावधानियां
सूतक और ग्रहण काल में कुछ विशेष सावधानियों का पालन हर व्यक्ति को करना चाहिए। धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूतककाल में भोजन बनाना एवं भोजन करना निषिद्ध है। ग्रहण के दिन पुष्प एवं तुलसीदल आदि ना तोड़े, सूतक काल के पूर्व ही अपने घर के मंदिर के ठाकुर जी का पूजन करके मंदिर का पट बंद कर दें। ग्रहण के स्पर्श तथा मोक्ष में स्नान अवश्य करना चाहिए, ग्रहण काल के समय में यथाशक्ति गुरु प्रदत्त मंत्रों का जाप करें एवं भगवान के स्तोत्र का पाठ करें।

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