न जूते, न जुबान… 24 साल से अनोखी तपस्या कर रहे हैं ये बाबा
प्रयागराज|प्रयागराज के संगम की रेती पर सजे माघ मेले में जहां लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं वहीं कुछ संत अपनी कठिन साधना और संकल्पों से उत्सुकता का केंद्र बने हुए हैं। इन्हीं में से एक हैं राजकोट (गुजरात) के राम शरण मौनी बाबा, जिन्होंने पिछले 24 वर्षों से मौन धारण कर रखा है और नंगे पैर रहने का कठोर प्रण लिया है। 48 वर्षीय मौनी बाबा ने 2001 के कुंभ मेले में यह संकल्प लिया था।उनके मौन रहने के पीछे का उद्देश्य है कि मौन रहने से मुख से कभी किसी के लिए अपशब्द या बुरा विचार नहीं निकलेगा। वहीं, बिना चरण पादुका के रहने के पीछे एक भावुक कर देने वाली घटना है। बाबा ने लिखकर बताया कि वे हनुमानजी के परम भक्त हैं। एक बार भूलवश वे जूते पहनकर मंदिर के भीतर चले गए थे। उसी दिन से पश्चाताप और बजरंगबली के प्रति प्रेम स्वरूप उन्होंने आजीवन चप्पल न पहनने की प्रतिज्ञा कर ली। वर्तमान में सतुआ बाबा के आश्रम में सेवा दे रहे मौनी बाबा इशारों और कलम-कागज के जरिए लोगों से संवाद करते हैं। दिलचस्प बात यह है कि वे तकनीक का भी बखूबी इस्तेमाल करते हैं। वे फोन पर बात सुनते हैं और उसका जवाब टाइप करके मैसेज के जरिए देते हैं।
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महंत अवैद्यनाथ के साथ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की फोटो वायरल
उधर, मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर संगम स्नान करने पालकी से जाने पर रोकने के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रदेश सरकार और मेला प्रशासन पर प्रहार कर रहे हैं। शंकराचार्य प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी निशाने पर ले रहे हैं। पालकी से जाने से रोकने के विरोध में माघ मेला स्थित अपने शिविर के बाहर बैठे शंकराचार्य की एक फोटो गोरखनाथ मठ के ब्रह्मलीन महंद अवैद्यनाथ के साथ एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। फोटो में शंकराचार्य महंत अवैद्यनाथ के साथ किसी मुद्दे पर विमर्श कर रहे हैं। यह फोटो उस समय की है जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य नहीं बने थे। इस फोटो के जरिए यह संदेश दिया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गुरु महंत अवैद्यनाथ के साथ रिश्ते कितने अच्छे थे। यह तस्वीर गोरखनाथ मंदिर की बताई जा रही है।

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