दिल्ली सरकार का प्रदूषण विरोधी कदम, मजदूरों को मिलेगा मुआवजा, आधे कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा
दिल्ली | दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण राष्ट्रीय राजधानी में गंभीर प्रतिबंधों वाला ग्रैप का चौथा चरण लागू है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, दिल्ली सरकार ने प्रभावित मजदूरों को आर्थिक सहायता देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पंजीकृत मजदूरों को ₹10,000 की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाएगी।
प्रदूषण के स्तर में खतरनाक वृद्धि के मद्देनजर, ग्रैप के चौथे चरण के तहत कई कड़े कदम उठाए गए हैं। दिल्ली सरकार ने सभी सरकारी और निजी कार्यालयों में 50% कर्मचारियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम) को अनिवार्य कर दिया है।
दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि ग्रैप 4 लागू है और सरकार मजदूरों की मुश्किलों को समझती है। उन्होंने बताया कि पंजीकृत मजदूरों को ₹10,000 की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की जाएगी, ताकि वे इस मुश्किल दौर में अपनी आजीविका चला सकें। इस पहल का उद्देश्य उन दिहाड़ी मजदूरों को राहत पहुंचाना है जिनकी आय प्रदूषण के कारण काम बंद होने से प्रभावित होती है।
एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली के अनुसार, बुधवार को दोपहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 326 दर्ज किया गया, जो हवा की बेहद खराब श्रेणी है।

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