उमरिया में टाइगर की मौत से हड़कंप, बाघ गणना के दौरान सामने आये मामला
उमरिया: उमरिया जिले में एक बार फिर से एक बाघ की मौत हो गई है, जिसके बाद से हड़कंप मच गया है और हर कोई यह जानने की कोशिश में जुटा हुआ है कि आखिर इस बाघ की मौत कैसे हुई है.
फिर एक बाघ की मौत
बताया जा रहा है कि उमरिया जिले के सामान्य वन मंडल अंतर्गत चंदिया वन परिक्षेत्र में शनिवार को बाघ का शव मिलने से हड़कंप मच गया है. ये मामला उस समय सामने आया जब क्षेत्र में नियमित बाघ गणना का काम चल रहा था और वन कर्मी बाघ गणना में लगे हुए थे. उसी दौरान जंगल के आरएफ 10 क्षेत्र में कथली नदी के किनारे बाघ का शव दिखाई दिया. जैसे ही बाघ का शव दिखा वहां हड़कंप मच गया, तुरंत ही आनन फानन में इस बात की सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई और बाघ का जहां शव मिला वहां सख्ती से निरीक्षण कार्य चालू कर दिया गया.
डॉग स्क्वाड की ली गई मदद
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया है. जिला वन अधिकारी विवेक सिंह के निर्देशन में एसडीओ कुलदीप त्रिपाठी सहित चंदिया वनपरिक्षेत्र का पूरा वन अमला जांच में जुट गया है. बाघ की मौत कैसे हुई है अभी तक इस बात का सुराग नहीं मिला है.
वन विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि "घटनास्थल के आसपास रस्सी से घेराबंदी कर दी गई है, जिससे शव को सुरक्षित रखा जा सके. सबूत न मिटे साथ ही वन कर्मी जंगल की खाक छान रहे हैं. तलाशी अभियान भी शुरू कर दिया गया है. वन विभाग की टीम ने जांच को और बेहतर करने के लिए डॉग स्क्वायड की भी मदद ले रही है और डॉग स्क्वाड को मौके पर बुलाया गया है."
लापरवाही या आपराधिक गतिविधि पर होगी सख्त कार्रवाई
जांच के दौरान घटनास्थल के पास से ही गुजर रही बिजली लाइन की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है आशंका जताई जा रही कहीं करंट लगने से तो नहीं बाघ की मौत हुई है. हालांकि अब तक ये पता नहीं चल सका है कि बाघ की कैसे मौत हुई है, इसके लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. एसडीओ कुलदीप त्रिपाठी का कहना है कि "बाघ की मौत के कारण का पता लगाने के लिए सभी पहलू पर जांच की जा रही है, अगर किसी प्रकार की लापरवाही आपराधिक गतिविधि सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा."

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