ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर कदम प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना
रायपुऱ : स्वच्छ, हरित एवं सतत ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने में रायगढ़ जिला प्रदेश में अग्रणी बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा प्रभावी क्रियान्वयन एवं जन-जागरूकता के सफल प्रयास के परिणामस्वरूप जिले के नागरिक योजना में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।
750 से अधिक घरों में सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित
कलेक्टर रायगढ के मार्गदर्शन में जिले में योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों में लोगों को योजना के लाभों से अवगत कराया जा रहा है। योजना की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक जिले में 750 से अधिक घरों में सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं, वहीं योजना आरंभ होने से अब तक 3,252 लोगों ने आवेदन किया है। केवल पिछले एक माह में ही 226 नए आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसी अवधि में 44 घरों में सौर पैनल इंस्टॉल किए जा चुके हैं, जिससे लाभार्थियों को बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी का लाभ मिलने लगा है।
सोलर प्लांट से घरेलू अर्थव्यवस्था को मिल रही है मजबूती
विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि योजना के तहत 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है। साथ ही बैंक के माध्यम से आसान किश्तों पर लोन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे इच्छुक लाभार्थियों के लिए सोलर प्लांट स्थापित करना और भी सरल हो गया है। उन्होंने कहा कि यह योजना लोगों को न सिर्फ बिजली बिल में राहत पहुँचा रही है, बल्कि अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर आमदनी का भी अवसर प्रदान करती है। योजना से लाभान्वित ग्रामीण एवं नगरीय नागरिकों ने बताया कि सोलर प्लांट लगाने के बाद प्रतिमाह 4,000 से 5,000 रुपये तक की बचत हो रही है, जिससे घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक नागरिकों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर ऊर्जा आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक लाभ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाएँ।
एक लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 1 किलोवाट प्लांट से प्रतिमाह लगभग 120 यूनिट बिजली उत्पादन होता है। इसमें केंद्र सरकार 30 हजार रुपए एवं राज्य सरकार 15 हजार रुपए सब्सिडी प्रदान करती है। 2 किलोवाट प्लांट से प्रतिमाह लगभग 240 यूनिट बिजली उत्पादन होता है। इसमें केंद्र सरकार 60 हजार रुपए एवं राज्य सरकार 30 हजार रुपए सब्सिडी देती है। 3 किलोवाट प्लांट से प्रतिमाह लगभग 360 यूनिट बिजली उत्पादन होता है। इसमें केंद्र सरकार 78 हजार रुपए एवं राज्य सरकार 30 हजार रुपए सब्सिडी देती है। शेष राशि उपभोक्ता स्वयं वहन करेंगे, जिसे बैंक ऋण सुविधा के माध्यम से भी प्राप्त किया जा सकता है।
उपभोक्ता ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से कर सकते हैं वेंडर का चयन
योजना का लाभ पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से दिया जा रहा है। उपभोक्ता चउेनतलंहींतण्हवअण्पद पोर्टल, पीएम सूर्यघर मोबाइल ऐप, सीएसपीडीसीएल वेबसाइट, मोर बिजली ऐप अथवा टोल-फ्री नंबर 1912 पर कॉल कर आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त नजदीकी सीएसपीडीसीएल कार्यालय से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उपभोक्ता स्वयं ही ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से वेंडर का चयन कर सकते हैं।

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