साधना एक्सप्रेस रीवा 
ग्राम तिवनी का पशु चिकित्सालय चार माह से ‘मौत का तालाब’ बना है। दवाइयां पानी में सड़ रही हैं, उपकरण डूब चुके हैं, पशुपालक दूर-दराज भटक रहे हैं। वजह एक—अटल सरोवर का अवैध गहरीकरण। पशु चिकित्सा विभाग ने 25 अक्टूबर 2025 को वरिष्ठ कार्यालय को पत्र लिखा: ‘‘तालाब निर्माण से कई माह से परेशानी बनी है, आज भी वहां जाना संभव नहीं। दवाइयां-उपकरण नष्ट होने की कगार पर।’’ पत्र की प्रतिलिपि आरटीआई कार्यकर्ता प्रकाश तिवारी को सौंपी गई।

प्रकाश तिवारी कहते हैं, ‘‘स्कूल की बाउंड्री से सटा कर तालाब इतना गहरा खोदा कि पानी निकलने का रास्ता बंद। नतीजा—पशु चिकित्सालय, हायर सेकंडरी स्कूल, पीएचई भवन, आवागमन मार्ग सब क्षतिग्रस्त/प्रभावित हुए, प्राईमरी विद्यालय (शासकीय-प्राइवेट) के बच्चों का जीवन भी खतरे में, कई घरों में घुटने तक पानी घुसा।’’ 

स्कूल में शौचालय नष्ट, बच्चियों-महिला स्टाफ त्रस्त  
हायर सेकंडरी स्कूल के प्राचार्य ने अपने पत्र में लिखा—शौचालय पूरी तरह नष्ट, महिला स्टाफ और बच्चियों को भारी परेशानी। रोज कीचड़ से गुजरकर स्कूल आना, पढ़ाई प्रभावित। प्राइमरी स्कूलों के बच्चे भी कीचड़ में डूबते-उतरते पहुंचते हैं।

*जांच हुई, पंचनामा बना, कार्रवाई शून्य*  
कमिश्नर कार्यालय ने शिकायत पर टीम भेजी। कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, उपयंत्री और गांव के वरिष्ठ नागरिकों की मौजूदगी में स्थल पंचनामा तैयार। दस्तावेज में साफ—‘‘जलभराव पाया गया।’’ फिर भी चार माह बीते, स्थिति जस की तस।

प्रकाश तिवारी ने मनगवां विधायक, जनपद अध्यक्ष और आरईएस अधिकारियों पर आरोप लगाया—‘‘भूमिका संदिग्ध, मौत का कुआं खोदकर जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। साक्ष्य हैं, दर्जनों मीडिया ने छापा, फिर भी सुनवाई शून्य।’’ 

जमकर हुआ भ्रष्टाचार, मनरेगा घोटाला आदि
अवैध गहरीकरण के दौरान सारा कार्य मशीनों से किया गया जिसके साक्ष्य फुटेज एवं ग्रामीणों के बयान हैं जो मीडिया में भी चले हैं। मनरेगा में घोटाले की बू आ रही। ग्रामीण चीख रहे—‘‘कब खुलेगा यह डूबा चिकित्सालय? कब सूखेगा स्कूल? कब मिलेगा पीने को स्वच्छ पानी? कब रुकेगी त्राहि-त्राहि? कब होगी दोषियों पर कार्यवाही? कब मिलेगा न्याय? कब सही होगा पीएचई भवन?"