अब नोएडा या गुरुग्राम नहीं, दिल्ली में ही मिलेगी आपकी पसंदीदा शराब
राजधानी दिल्ली में अब शराब खरीदने का अनुभव और भी प्रीमियम होने जा रहा है. शादी-ब्याह और त्योहारों के सीजन को देखते हुए आबकारी विभाग ने गुरुवार को 98 प्रीमियम शराब वेंड की सूची जारी की है, जहां सभी लोकप्रिय और हाई-एंड ब्रांड्स उपलब्ध रहेंगे. विभाग ने दिल्लीवासियों से अपील की है कि वे इन अधिकृत दुकानों से ही शराब खरीदें ताकि उन्हें बेहतरीन ब्रांड्स एक ही जगह पर मिल सकें और सरकार को भी राजस्व का लाभ मिले.
दरअसल, लंबे समय से दिल्ली के लोग लोकप्रिय ब्रांड की शराब खरीदने के लिए गुड़गांव और नोएडा का रुख करते हैं. इसे देखते हुए दिल्ली सरकार का आबकारी विभाग चाहता है कि अब लोगों को राजधानी में ही उनकी पसंदीदा शराब उपलब्ध हो. इन 98 वेंड्स पर शराब खरीदने के लिए लोगों को P-10 परमिट लेना होगा.
क्या है P-10 परमिट?
P-10 परमिट एक अस्थायी लाइसेंस होता है, जो निजी पार्टियों या शादी-ब्याह जैसे आयोजनों के लिए जारी किया जाता है. अगर कोई व्यक्ति अपने घर या निजी आयोजन के लिए शराब खरीदना चाहता है, तो उसे 10,000 की फीस देकर यह परमिट लेना होता है. वहीं, अगर आयोजन किसी फार्महाउस, मोटल या बैंक्वेट हॉल में है, तो इसकी फीस 15,000 तय की गई है. इस परमिट के तहत शराब तीन तक लाइसेंस प्राप्त दुकानों से खरीदी जा सकती है.
आबकारी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, “अक्टूबर से लेकर नए साल तक शराब की बिक्री में खासा इजाफा होता है. लोग त्योहारों और शादियों के मौसम में पहले से स्टॉक जमा कर लेते हैं. इस समय विभाग चाहता है कि लोग कानूनी तरीके से शराब खरीदें ताकि किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके.
अधिकारी ने बताया कि बिना लाइसेंस के किसी भी शादी या निजी कार्यक्रम में शराब परोसने पर विभाग की टीम कार्रवाई करती है. इसलिए विभाग लोगों को परमिट लेने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है.
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार का आबकारी विभाग इस वित्तीय वर्ष में .7,000 करोड़ का राजस्व लक्ष्य लेकर चल रहा है, लेकिन अब तक केवल 3,000 करोड़ की वसूली ही हो पाई है. ऐसे में इन प्रीमियम वेंड्स को बढ़ावा देकर सरकार बिक्री और राजस्व दोनों में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रही है.

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