फिर लौटेगा मॉनसून! अगले हफ्ते जमकर बरसेंगे मेघ
नई दिल्ली। देश के लगभग आधे हिस्से में अगले कुछ दिनों में फिर से भारी बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और म्यांमार के पास बने सिस्टम का असर अगले सप्ताह तक देश के कई हिस्सों में दिखाई देगा। मौसम विभाग (आइईएमडी) ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम अभी से उठा लें।
मैदानी इलाकों में बारिश का दौर लगभग खत्म
उत्तर भारत के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी के साथ पश्चिमी हवा पूर्व की ओर बढ़ रही है, जिससे उत्तर के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश का दौर लगभग खत्म हो गया है। लेकिन यह स्थिति लंबे समय तक नहीं रहेगी, क्योंकि बंगाल की खाड़ी में लगातार एक के बाद एक सिस्टम विकसित हो रहे हैं।
तेजी से बढ़ रही पश्चिमी हवाओं को बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त पूर्वी हवाएं पीछे की ओर लौटने के लिए मजबूर करेंगी। म्यांमार के पास चीन सागर में बने डिप्रेशन से इन हवाओं को नई ऊर्जा मिल रही है।
अगले तीन यहां होगी भारी बारिश
इसके असर से उत्तर-पूर्व भारत, बंगाल, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में अगले दो-तीन दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी ओडिशा और बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में पहले से सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र इस बारिश में मुख्य भूमिका निभाएगा। इसके अलावा, 25-26 सितंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी में एक और निम्न दबाव बनने की संभावना है, जिससे ओडिशा से गुजरात तक बारिश का दायरा बढ़ सकता है। 26 से 30 सितंबर के बीच महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा में भी भारी बारिश होने की आशंका है।
बंगाल की खाड़ी से निकलने वाली नमी युक्त हवाओं का असर मैदानी इलाकों तक भी पहुंचेगा और उत्तर प्रदेश के झांसी तक बारिश की स्थितियां बन सकती हैं। हालांकि, इससे मानसून की वापसी पर कोई स्थायी असर नहीं पड़ेगा। बंगाल की खाड़ी में लगातार सिस्टम बनने के कारण देश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा और मध्य भारत में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
दिल्ली से मानसून की विदाई
बुधवार को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून लौट गया। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों से भी मानसून की वापसी हो चुकी है। अगले दो-तीन दिनों में यह और पूर्व की ओर खिसक सकता है।

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